कानपुर के पनकी क्षेत्र स्थित एचडीएफसी बैंक की एक शाखा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बैंक के अंदर महिला कर्मचारी और एक महिला खाताधारक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है. आरोप है कि खाताधारक की शिकायत पर बैंक कर्मी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और खुद को “ठाकुर” बताते हुए धमकी दी. घटना के बाद बैंक कर्मियों के व्यवहार और ग्राहक सेवा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला खाताधारक काउंटर के सामने खड़ी है और बैंक कर्मचारी से किसी समस्या को लेकर बात कर रही है. बातचीत के दौरान माहौल अचानक गर्म हो जाता है. आरोप है कि महिला बैंक कर्मी खुद को ठाकुर बताते हुए दबदबा दिखाने की कोशिश करती है और खाताधारक को धमकाती है. इसी दौरान वह मेज पर रखे कागज उठाकर महिला की ओर फेंकने का प्रयास भी करती दिखाई देती है.
घटना के समय वहां मौजूद अन्य बैंक कर्मचारी स्थिति को संभालने की कोशिश करते हैं. वीडियो में एक अन्य महिला कर्मचारी बीच-बचाव करते हुए नजर आती है, जो विवाद को शांत कराने का प्रयास करती है. हालांकि, कथित रूप से नाराज बैंक कर्मी रुकने का नाम नहीं लेती और लगातार ऊंचे स्वर में बात करती रहती है. वीडियो में वह महिला खाताधारक से यह कहते हुए भी सुनी जाती है कि यह बात अपने पति से जाकर करो. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई यूजर्स ने बैंक कर्मी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए इसे ग्राहक के साथ दुर्व्यवहार बताया है. लोगों का कहना है कि बैंक जैसी संस्थाओं में ग्राहकों से शालीनता और धैर्य के साथ बात की जानी चाहिए, भले ही विवाद की स्थिति क्यों न हो.
हालांकि, वीडियो में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई थी. खाताधारक की शिकायत का पूरा विवरण सामने नहीं आया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मामला खाते से जुड़ी जानकारी या किसी शिकायत को लेकर था, जिसके दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई. इस पूरे मामले में अब तक एचडीएफसी बैंक की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. यह भी साफ नहीं है कि वीडियो कब का है और बैंक प्रबंधन ने इस घटना को लेकर कोई आंतरिक जांच शुरू की है या नहीं.
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि ग्राहकों से संवाद के दौरान संयम और पेशेवर आचरण बेहद जरूरी है. किसी भी शिकायत को नियमों के तहत सुना जाना चाहिए और समाधान की कोशिश की जानी चाहिए. कर्मचारी द्वारा व्यक्तिगत पहचान या सामाजिक पृष्ठभूमि का हवाला देकर दबाव बनाना अनुचित माना जाता है. स्थानीय स्तर पर भी इस वीडियो को लेकर चर्चा है. कुछ ग्राहकों का कहना है कि बैंक शाखाओं में अक्सर काम का दबाव रहता है, लेकिन इसका असर ग्राहकों से व्यवहार पर नहीं पड़ना चाहिए. वहीं, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोनों पक्षों की स्थिति साफ हो सके. फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. अब देखना होगा कि बैंक प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है और क्या संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है. यह घटना बैंकिंग सेवाओं में ग्राहक सम्मान और व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करती है.