वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. भाजपा युवा मोर्चा ने आरोप लगाया है कि इफ्तार के बाद मांस की हड्डियां गंगा में फेंकी गईं. मामले ने तूल पकड़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस आयोजन में शामिल 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है.
इसी मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. उन्होंने सवाल उठाया कि नाव पर इफ्तार मनाने में क्या दिक्कत है. साथ ही उन्होंने तंज करते हुए कहा कि उन लोगों ने पुलिस की हथेली पर ईदी नहीं रखी होगी. रख देते तो सब सही चलता.
अखिलेश यादव यह बातें पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के यहां आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कह रहे थे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को खुश करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार कहीं भी मनाया जा सकता है, चाहे वह घर की छत हो या नाव.
गंगा में लग्जरी जहाज को लेकर क्या बोले अखिलेश?
नॉनवेज खाने को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बहाना बनाया जा रहा है ताकि लोगों के बीच दूरी पैदा की जा सके. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि गंगा में एक लग्जरी जहाज चलता है, जहां महंगी शराब परोसी जाती है और उसका कचरा भी नदी में जाता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती.
दरअसल, यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो से सामने आया, जिसमें कुछ युवक नाव पर गंगा के बीच इफ्तार करते नजर आ रहे थे. वीडियो के सामने आने के बाद आरोप लगा कि वहां मांसाहार किया गया और उसकी हड्डियां नदी में फेंकी गईं. इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा ने शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की.