scorecardresearch
 

पहले IPS, फिर IAS और अब तीन शादियां… यूपी से एमपी तक चर्चित इस अफसर की कहानी

मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं. 2013 में IPS चयनित होकर 2014 में 13वीं रैंक के साथ IAS बने अवि मूलतः यूपी के सीतापुर के रहने वाल हैं. दोनों पत्नियों से तलाक लेने के बाद उन्होंने तीसरी शादी की है. उनकी पहली पत्नी रिजु बाफना शाजापुर और दूसरी पत्नी मिशा सिंह रतलाम की कलेक्टर हैं. अब उन्होंने आईएएस अंकिता धाकरे से शादी की है.

Advertisement
X
IAS अवि प्रसाद अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में हैं (Photo:ITG)
IAS अवि प्रसाद अपनी तीसरी शादी को लेकर चर्चा में हैं (Photo:ITG)

कभी वर्दी में कानून-व्यवस्था संभालने का सपना, फिर प्रशासनिक सेवा में टॉप रैंक के साथ एंट्री और अब पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सुर्खियां. यह कहानी है अवि प्रसाद की. मूल रूप से यूपी के सीतापुर के रहने वाले और मध्य प्रदेश कैडर के इस आईएएस अधिकारी ने अवि प्रसाद ने तीसरी शादी की है. हालांकि तलाक लेने के बाद ही उन्होंने तीसरी शादी की है लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनकी पहली दो पत्नियां भी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं, जबकि तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं.

IPS से IAS तक: दोबारा लिखी गई किस्मत

अवि प्रसाद का प्रशासनिक सफर साधारण नहीं रहा. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ. उन्होंने एक बार फिर प्रयास किया. 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर से आते हैं. सार्वजनिक जीवन की समझ उन्हें पारिवारिक पृष्ठभूमि से भी मिली. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके थे. दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में शादी की. यह रिश्ता उस दौर का था जब दोनों करियर की सीढ़ियां चढ़ रहे थे. आज रिजु बाफना मध्य प्रदेश के शाजापुर की कलेक्टर हैं. उन्हें राज्य में सख्त और प्रभावी प्रशासक के रूप में जाना जाता है. हालांकि यह वैवाहिक संबंध ज्यादा समय तक नहीं चल सका. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया.

Advertisement

पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह के साथ फेरे लिए. शादी के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और जिले में सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जानी जाती हैं. रतलाम में विकास कार्यों की मॉनिटरिंग, औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर उनका नाम चर्चा में रहता है. लेकिन यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों के बाद दोनों ने अलग राह चुन ली.

हाल ही में अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं. 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के कारण राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया. किसी ने इसे व्यक्तिगत निर्णय कहा, तो किसी ने लगातार बदलते वैवाहिक रिश्तों पर सवाल उठाए.

सख्त फैसले और फील्ड विजिट

निजी जिंदगी की चर्चाओं से अलग, अवि प्रसाद की प्रशासनिक छवि भी मजबूत मानी जाती है. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाया था. आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर की निगरानी को सख्त किया गया. उनके इस अभियान की सराहना राज्य स्तर पर हुई. समर्थकों का कहना है कि वे फाइलों से ज्यादा फील्ड पर भरोसा करते हैं. अवि प्रसाद की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement