उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर कैंट क्षेत्र में सेना ने एक फर्जी ब्रिगेडियर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है, जो रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी का रहने वाला बताया जा रहा है. यह मामला उस समय सामने आया जब आरोपी वर्दी पहनकर और ब्रिगेडियर के स्टार लगाकर कैंट इलाके में बने म्यूजियम में पहुंचा था. सेना की मिलिट्री पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसे कैंट क्षेत्र में पूछताछ के लिए ले जाया गया. उसके साथ दो बाउंसर, एक ड्राइवर और एक कार भी मौजूद थी, जिन्हें मौके से बरामद किया गया है.
जांच के दौरान उसके पास से एक नकली आई कार्ड मिला, जिस पर सील भी फर्जी पाई गई है. इसके अलावा उसके पास नकली पिस्तौल और सेना से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी ने अपने घर पर भी ब्रिगेडियर नाम की नेम प्लेट लगा रखी थी.
पूछताछ में खुल रहे कई राज, इंटेलिजेंस टीम जांच में जुटी
सेना के एडमिन कमांडेंट कर्नल जे एस जगरन ने बताया कि इस व्यक्ति पर उनकी नजर अप्रैल महीने से थी. उन्होंने कहा कि आज इसे आर्मी में भर्ती लेने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए बुलाया गया था, जिसके बाद यह कैंट क्षेत्र में पहुंचा और वहीं से इसे हिरासत में ले लिया गया.
कर्नल जे एस जगरन ने अपने बयान में बताया कि आरोपी के पास कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं और वह लंबे समय से सेना की निगरानी में था. उन्होंने यह भी बताया कि उसके पास नकली आई कार्ड और नकली पिस्तौल भी बरामद हुई है. घटना के बाद सेना की इंटेलिजेंस टीम ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है. साथ ही बरेली से सेना की विशेष इंटेलिजेंस टीम भी मामले की जांच के लिए शाहजहांपुर पहुंच रही है, जो आरोपी से गहन पूछताछ करेगी.
शुरुआती जांच में फर्जी पहचान और नकली हथियार का खुलासा
सेना अधिकारियों के अनुसार, जिस इलाके में आरोपी घूम रहा था वह बेहद संवेदनशील क्षेत्र है. यहां सेना की एक पूरी ब्रिगेड तैनात रहती है. इसके अलावा डीएम और एसपी के आवास भी इसी क्षेत्र के आसपास स्थित हैं. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और सेना यह पता लगाने में जुटी है कि वह फर्जी ब्रिगेडियर बनकर इस संवेदनशील क्षेत्र में क्यों पहुंचा और उसका मकसद क्या था.