उत्तर प्रदेश में बहराइच के कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ क्षेत्र में जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीती रात एक टस्कर हाथी ने जंगल किनारे फूस की कुटिया में रह रहे बुजुर्ग पुजारी को कुचलकर मार डाला. महज 12 घंटे के भीतर हाथी के हमले में यह दूसरी मौत है. जानकारी के अनुसार, कतर्नियाघाट रेंज के कटियारा वन बीट चौकी के पास करीब 100 वर्षीय पुजारी सुरेश दास पिछले लगभग 15 वर्षों से फूस की कुटी बनाकर रह रहे थे. स्थानीय लोग उनकी झोपड़ी को ‘कटियारा कुटी’ के नाम से जानते थे. सोमवार रात करीब नौ बजे वह अपने सहयोगी राम लखन के साथ कुटिया में भोजन कर रहे थे.
बताया जाता है कि भोजन के बाद राम लखन पास के नल पर बर्तन धोने गए थे. इसी दौरान जंगल की ओर से एक टस्कर हाथी कुटिया में घुस आया और उसे तोड़फोड़ करने लगा. आवाज सुनकर पुजारी ने हाथी को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया और पटककर पैरों से कुचल दिया. मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान श्यामलाल ने वन विभाग और पुलिस को खबर दी. सुजौली थाना के प्रभारी प्रकाश चंद्र शर्मा और वनकर्मी मौके पर पहुंचे. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. रेंज अधिकारी आशीष गौड़ ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
इससे पहले सोमवार दोपहर लखीमपुर खीरी जिले के पारस पुरवा गांव निवासी 45 साल की मुन्नी देवी की भी टस्कर हाथी के हमले में मौत हो गई थी. वह अपने दो बेटों के साथ दवा कराकर बाइक से लौट रही थीं, तभी मिहीपुरवा-बिछिया जंगल मार्ग पर हाथी ने हमला कर दिया. दोनों बेटे घायल हुए, जबकि महिला की जान चली गई.