झांसी के शहर कोतवाली क्षेत्र में रिटायर्ड रेलकर्मी रामसिंह ने अपनी प्रेमिका प्रीति की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी ने पहले सीपरी बाजार में एक कमरा किराए पर लिया और वहां प्रीति के साथ शराब पी. नशे में होने पर उसने प्रीति को मार डाला और शव को कंबल व तिरपाल में लपेटकर एक नीले बक्से में रख दिया.
सर्दी का फायदा उठाकर उसने धीरे-धीरे लकड़ियां जुटाईं और बक्से के अंदर ही लाश को जला दिया. बाद में राख को बोरियों में भरकर ठिकाने लगाया और बक्से को अपने बेटे नितिन के जरिए दूसरे घर भिजवा दिया, जहां पुलिस ने हड्डियां बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया.
तीन शादियां, लिव-इन और फिर कत्ल
रामसिंह की जिंदगी रिश्तों के मकड़जाल में उलझी थी. उसने पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी की, फिर उसे भी छोड़कर प्रीति के साथ लिव-इन में रहने लगा. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि प्रीति और रामसिंह के बीच किसी तीसरे व्यक्ति के आने और रुपयों की लगातार मांग से रामसिंह परेशान था. इसी रंजिश में उसने प्रीति को रास्ते से हटाने के लिए किराए का कमरा लेकर हत्या की पूरी प्लानिंग की.
बक्से से मिला मौत का सबूत
17 और 18 जनवरी की दरम्यानी रात पुलिस को फूटा चोपड़ा मोहल्ले में एक संदिग्ध नीले बक्से की सूचना मिली. जब पुलिस ने गीता रायक्वार के घर रखे इस बक्से को खोला, तो उसमें राख और इंसानी हड्डियों के अवशेष मिले. इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी रामसिंह और उसके बेटे को दबोच लिया.
पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए. मुख्य आरोपी रामसिंह से पूछताछ जारी है, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. आरोपी ने लाश को जलाने के बाद सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन बक्से में बची हड्डियों ने उसके खौफनाक राज का पर्दाफाश कर दिया.