कानपुर में दो इंजीनियरों की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर अनुष्का तिवारी अब तक गिरफ्तारी से बची हुई हैं. पावर हाउस में तैनात इंजीनियर विपिन दुबे की मौत के बाद उनके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने 8 मई को अनुष्का तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी.
इसके तीन दिन बाद फर्रुखाबाद के इंजीनियर मयंक के परिजनों ने भी गलत इलाज से मौत का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट दर्ज करने की अर्जी दी थी. लेकिन अभी तक इस पर केस दर्ज नहीं हुआ है.
डॉक्टर अनुष्का तिवारी की अब तक नहीं हो पाई गिरफ्तारी
डॉक्टर अनुष्का ने बिना प्लास्टिक सर्जन की डिग्री के 12 मार्च को विपिन दुबे का हेयर ट्रांसप्लांट किया था. इलाज के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और 15 मार्च को उनकी मौत हो गई. डॉक्टर अब पुलिस बयान से भी बच रही हैं और अपनी क्लीनिक का बोर्ड हटाकर पति सौरभ के साथ फरार हो गईं. पुलिस को कभी उनकी लोकेशन रोहतक में तो कभी पानीपत में मिली, लेकिन वे बार-बार नंबर बदल रही हैं.
इंजीनियर मयंक की 15 मार्च को हुई थी मौत
अब अनुष्का तिवारी ने कानपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है, जिस पर सुनवाई की तारीख 2 जून तय की गई है. मृतक इंजीनियर विपिन की पत्नी जया और मयंक के भाई का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही है. जया का कहना है कि डॉक्टर ने मेरे पति की जान ली है, और मैं हर हाल में न्याय पाकर रहूंगी.