Uttar Pradesh News: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र स्थित कपसाड गांव में पारस राजपूत नामक युवक ने एक दलित महिला की हत्या कर दी और उसकी बेटी का अपहरण कर लिया. आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर महिला को मौत के घाट उतारा जब वह अपनी बेटी के साथ खेत जा रही थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी पारस और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पांच टीमें गठित की हैं. यह घटना पुरानी जान-पहचान और विरोध के कारण अंजाम दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है.
अस्पताल में हंगामा और भारी पुलिस बल
महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ की और शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया. ग्रामीणों की मांग थी कि जब तक लड़की की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा.
घंटों चले हंगामे और भीम आर्मी के विरोध के बाद, वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए. फिलहाल गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. हालात काबू में हैं.
राजनीतिक रंग लेती घटना
इस जघन्य हत्याकांड और अपहरण मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा, वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने इसे 'अति-दुखद और शर्मनाक' करार दिया. सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों पर रासुका (NSA) लगाने की मांग की है. विपक्ष ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई है.
गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पांच टीमें लगाई गई हैं.पुलिस मुख्य आरोपी पारस की तलाश में जुटी है, जो स्थानीय डॉक्टर के पास कंपाउंडर का काम करता था. पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मुकदमे में अब हत्या की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपहृत युवती को बरामद कर लिया जाएगा और सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे.