उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय दुनिया में ऑयल इकोनॉमी को सबसे अहम माना जाता था. जिसके पास तेल होता था, वही अर्थव्यवस्था पर मजबूत पकड़ बना लेता था. बाद में अलग अलग टेक्नोलॉजी आईं और जिनके पास उनका एकाधिकार था, उन्होंने उस पर अपना आधिपत्य स्थापित करने की कोशिश की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ऑयल का स्थान लेने जा रहा है. पूरी दुनिया इस बात को मान रही है. उन्होंने कहा कि एआई के विकास के लिए सबसे पहली जरूरत डेटा सेंटर की है.
एआई के लिए डेटा सेंटर जरूरी, यूपी में बढ़े कदम
इस दिशा में उत्तर प्रदेश ने कई कदम बढ़ाए हैं. साल 2017 से पहले प्रदेश में डेटा सेंटर नहीं थे, लेकिन उसके बाद सरकार ने डेटा सेंटर स्थापित करने की कार्रवाई शुरू की और अब कई डेटा सेंटर यूपी में स्थापित हो चुके हैं. डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का कार्यक्रम भी आगे बढ़ाया गया है.
सीएम योगी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को सिर्फ जातीय आधार पर बांटते रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि वे उस दलित बच्चे के बारे में नहीं सोचते थे जो इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित होकर दम तोड़ देता था और अति पिछड़ी जाति के बच्चों की भी अनदेखी की गई.
2017 के बाद प्रदेश में स्थापित हुए कई डेटा सेंटर
इसके अलावा उन्होंने कहा कि डॉक्टर संजय निषाद की पीड़ा भी इसी से जुड़ी रही होगी. उनका कहना था कि विपक्ष चाहता था कि वो उनके पिछलग्गू बने रहें और मंत्री न बनें. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक गरीब का बेटा मंत्री बना तो समाजवादियों को यह अच्छा नहीं लगा कि कोई परिवार से हटकर आगे आ गया.