गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रवि किशन की मानद पीएचडी डिग्री को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी ली. यह पूरा घटनाक्रम रामगढ़ताल स्थित बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह के दौरान सामने आया, जहां मंच से सीएम योगी ने यह बात कही. सीएम योगी ने बताया कि रवि किशन उनसे कह रहे थे कि आपने मुझे बधाई नहीं दी. इस पर उन्होंने पूछा कि किस बात की बधाई. तब रवि किशन ने कहा कि उन्हें पीएचडी की उपाधि मिली है. इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एक मानद उपाधि है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि रवि किशन ने उनसे कहा कि वह अपने नाम के आगे प्रोफेसर लिखेंगे. इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि इस डिग्री के आधार पर कोई नौकरी नहीं मिलती है. उन्होंने मजाक में कहा कि इस डिग्री को गले में टांग सकते हैं और साथ लेकर घूम सकते हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ का मंच से मजाकिया अंदाज
सीएम योगी यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे कहा कि रवि किशन ने डॉक्टर लिखने की भी बात कही. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर भी नहीं लिख सकते. उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि अगर रवि किशन डॉक्टर बनकर कहीं इलाज करने चले गए तो स्थिति क्या होगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने अंत में यह भी कहा कि मानद उपाधि मिलने पर वह रवि किशन को बधाई देते हैं. इस पूरे बयान के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हल्की हंसी का माहौल बन गया.
एलएनसीटी यूनिवर्सिटी से मिली मानद उपाधि पर बधाई
बताया गया कि रवि किशन को 4 मई को भोपाल स्थित एलएनसीटी यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी गई थी. इसी उपाधि को लेकर मुख्यमंत्री ने मंच से यह टिप्पणी की. कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी का यह अंदाज चर्चा का विषय बन गया. उनके बयान को लोग हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देख रहे हैं, जिसमें उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश भी देने की कोशिश की कि मानद डिग्री का उपयोग सीमित होता है.