कानपुर गैंगरेप केस में आरोपी दारोगा अमित कुमार आठ दिन से फरार है. पुलिस अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है. इस बीच पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाने की कोशिशें सामने आ रही हैं. दरअसल, 12 जनवरी को पीड़िता के भाई के वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से धमकी भरा मैसेज आया. मैसेज में कहा गया- 'दारोगा का नाम खराब मत करो, वरना कोई भी मदद नहीं करेगा.' यह भी लिखा गया कि 'जिन पर भरोसा है, वही लोग साथ छोड़ देंगे.'
पीड़िता के भाई ने बताया कि मैसेज भेजने वाले ने खुद को छोटू कुशवाह बताया. उसने दारोगा को निर्दोष और शरीफ बताते हुए चेतावनी दी कि उसकी नौकरी से छेड़छाड़ की गई तो अंजाम बुरा होगा. भाई ने ये मैसेज पुलिस को सौंप दिए हैं. जिस नंबर से धमकी आई, वह फिलहाल बंद है. पीड़िता के भाई का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों से परिवार डरा हुआ है. आरोपी के खुले घूमने से उसकी बहन भी भय में जी रही है.
हालांकि, पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस कर लिया है. कानपुर पुलिस के मुताबिक, सचेंडी थाना क्षेत्रान्तर्गत पीड़िता के भाई को एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल नंबर के माध्यम से व्हाट्सएप कॉल कर धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है. उक्त प्रकरण के संबंध में संबंधित व्हाट्सएप मोबाइल नंबर के कॉलर के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है. प्रकरण में संलिप्त कॉलर अमित त्रिवेदी (30), निवासी सीतापुर को हिरासत में ले लिया गया है. उससे पूछताछ कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है.
उधर, पुलिस ने फरार आरोपी दारोगा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. सूत्रों का कहना है कि दारोगा को विभाग के कुछ लोगों से मदद मिल रही है. दारोगा की तलाश में चार पुलिस टीमें गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी भेजी गई हैं. वहीं, पुलिस के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि आरोपी कानपुर में ही छिपा हुआ है.
यह भी पढ़ें: 'गैंगरेप करने वाला आपके जैसे कपड़े पहने था', आरोपी दारोगा अमित मौर्या से बोली थी पीड़िता, कानपुर कांड का Video
इन सबके बीच आरोपी की ओर से हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी दी गई है. पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं. डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी के अनुसार, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीमें एक साथ काम कर रही हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है. इस मामले में पहले ही पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है. किसी को सस्पेंड किया गया है तो किसी को जांच से हटाया गया है.