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बिजनौर में झूठी फायरिंग की साजिश का खुलासा, भाई को गोली मारकर दर्ज कराया था फर्जी मुकदमा, ऐसे खुली पोल

बिजनौर के थाना हल्दौर क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी फायरिंग के मामले का खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि वादी ने ही अपने भाई को गोली मारकर निर्दोष लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किया है.

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झूठी फायरिंग के मामले में दो गिरफ्तार (Photo: Ritik Rajput/ITG)
झूठी फायरिंग के मामले में दो गिरफ्तार (Photo: Ritik Rajput/ITG)

जनपद बिजनौर के थाना हल्दौर क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रचने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है.

थाना हल्दौर पुलिस के अनुसार यह मामला मु0अ0सं0 285 वर्ष 2025 से जुड़ा है. 2 दिसंबर 2025 को ग्राम अम्हेड़ा निवासी सलीम पुत्र अकबर ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नामित अभियुक्तों ने उसके भाई नवाजिश पर जान से मारने की नीयत से फायर किया. तहरीर में कहा गया था कि गोली नवाजिश के कंधे में लगी, जिससे वह घायल हो गया. इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था.

झूठी फायरिंग का खुलासा

मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तथ्य सामने मिले. विवेचना, पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि प्रारंभिक रूप से जिन लोगों को नामजद किया गया था, वे निर्दोष थे. पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना के पीछे खुद वादी सलीम और उसका भाई नवाजिश शामिल थे.

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जांच में सलीम पुत्र अकबर, नवाजिश पुत्र अकबर, शादाब पुत्र शफीक और फैजान पुत्र मकबूल उर्फ बुल्ला के नाम प्रकाश में आए. पुलिस ने वांछित अभियुक्त सलीम और नवाजिश को गिरफ्तार कर लिया. उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 32 बोर की अवैध देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया.

बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 61(2), 231, 118 बीएनएस तथा 3, 25 और 27 आर्म्स एक्ट की वृद्धि की गई है. पूछताछ में वादी सलीम ने पूरी साजिश का खुलासा किया. उसने बताया कि गांव में पूर्व रंजिश और पुराने विवादों के चलते बदला लेने की योजना बनाई गई थी.

सलीम ने पुलिस को बताया कि साजिश के तहत यह तय किया गया था कि नवाजिश को हल्की गोली मारकर कुछ लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाया जाएगा. इसी योजना के अनुसार 2 दिसंबर 2025 को सलीम ने खुद देशी पिस्टल से अपने भाई नवाजिश पर फायर किया. गोली कंधे से होकर हाथ में लग गई, जिससे फायर आर्म इंजरी हुई.

पुलिस ने आरोपियों को अरेस्ट किया

घटना के बाद सलीम ने खुद पुलिस को सूचना दी और 112 के माध्यम से दोनों को अस्पताल भिजवाया. इसके बाद उसने निर्दोष लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया. पुलिस की जांच में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. सलीम ने स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य भाई की हत्या नहीं बल्कि झूठा मुकदमा दर्ज कराना था. फिलहाल थाना हल्दौर पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है.

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