वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय बुधवार शाम उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब एक छात्र पर पुराने विवाद को लेकर कुछ छात्रों ने हमला कर दिया। घटना के बाद देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया और छात्रों के दो गुट आमने सामने आ गए. लाठी डंडे चले और बीच बीच में पथराव भी हुआ. स्थिति को काबू में करने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाना पड़ा.
जानकारी के अनुसार संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के रुइया छात्रावास में रहने वाले छात्र पीयूष तिवारी को बिरला सी छात्रावास से जुड़े कुछ छात्रों ने मिलकर पीट दिया. हमले में पीयूष गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है.
छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प
घटना के बाद घायल छात्र के समर्थन में रुइया हॉस्टल के दर्जनों छात्र इकट्ठा हो गए और हमलावर छात्रों की तलाश में सड़क पर उतर आए. इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ी और मामला हिंसा में बदल गया. नकाबपोश छात्र लाठी डंडे और हॉकी लेकर सड़क पर हंगामा करते नजर आए.
सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के जवानों के साथ कई थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची. पुलिस ने छात्रों को तीतर बितर किया और हालात पर काबू पाया. इसके बाद हॉस्टलों में रह रहे अनाधिकृत लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू की गई. इस दौरान ड्रोन कैमरे की मदद भी ली गई.
लाठी डंडे चले और हुआ पथराव
डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि रुइया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच विवाद हुआ था. घायल छात्र की शिकायत पर कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है, जो पूर्व छात्र बताए जा रहे हैं और अनाधिकृत रूप से हॉस्टल में रह रहे थे. पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और ऐसे लोगों को हॉस्टल से बाहर निकाला जाएगा.