उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक शादी इन दिनों खूब चर्चा में है. भीषण गर्मी और रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच दूल्हे ने सात फेरे लेने से पहले दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. लेकिन दुल्हन ने भी समझदारी दिखाते हुए शर्त मान ली, जिसके बाद शादी की रस्में धूमधाम से पूरी हुईं.
शर्त मानते ही बजने लगीं तालियां
दरअसल, मामला बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के खैरा बीरू गांव का है. जहां रहने वाले अशोक की शादी लक्ष्मी से हो रही थी. शादी की तैयारियों के बीच अशोक को घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए कई दिनों तक एजेंसी के चक्कर काटने पड़े. लंबी लाइनों और गैस की किल्लत ने दूल्हे को इतना परेशान कर दिया कि उसने शादी से पहले ही अपनी होने वाली पत्नी के सामने एक खास शर्त रख दी.
जयमाल से ठीक पहले दूल्हे अशोक ने दुल्हन लक्ष्मी से पूछा कि अगर भविष्य में गैस सिलेंडर की ऐसी ही परेशानी रही, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी? यह सवाल सुनकर शादी में मौजूद लोग कुछ पल के लिए चौंक गए. लेकिन दुल्हन लक्ष्मी ने बिना किसी हिचकिचाहट के शर्त मान ली. इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह चूल्हे के साथ खेतों में भी काम करने को तैयार हैं. दुल्हन के इस जवाब ने दूल्हे को संतुष्ट कर दिया और माहौल तालियों व मुस्कान से गूंज उठा.
शादी की अनोखी शर्त इलाके में बनी चर्चा का विषय
दूल्हे अशोक ने बताया कि “हमने ये शर्त रखी थी कि अगर भविष्य में रसोई गैस सिलेंडर की ऐसी ही किल्लत हो जाए, तो क्या वह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए तैयार रहेंगी?” इस शर्त को दुल्हन ने मान ली. इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल हुई और शादी की बाकी रस्में संपन्न हुईं. ग्रामीणों का कहना है कि यह शादी सिर्फ एक अनोखी घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में समझदारी, सहयोग और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का बड़ा संदेश भी देती है.
आज के दौर में जहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं, वहीं बाराबंकी के इस जोड़े ने दिखा दिया कि मजबूत रिश्ते आपसी समझ, सहयोग और साथ निभाने के जज्बे से बनते हैं. बाराबंकी की यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के लिए एक मजेदार लेकिन सीख देने वाली मिसाल भी है.