उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मुख्तार अंसारी के करीबी माने जाने वाले वकील शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या के बाद जिले में तनाव का माहौल है. इस घटना के विरोध में नाराज अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बायकॉट कर दिया है. जिला बार एसोसिएशन ने बेंच को पत्र भेजकर नो एडवर्स ऑर्डर न करने की मांग की है.
अधिवक्ताओं का कहना है कि घटना बेहद दुखदाई है और दिनदहाड़े इस तरह की वारदात ने सभी को झकझोर दिया है. बार एसोसिएशन बाराबंकी की मीटिंग लगातार जारी है. अधिवक्ता मीटिंग हाल में जुटे हुए हैं और 48 घंटे पूरे होने के बाद आगे की रणनीति तय करने पर चर्चा हो रही है.
हत्या के बाद बाराबंकी में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्यों का बायकॉट
जिला बार अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने बताया कि जिला जज से मिलकर नो एडवर्स का पत्र सौंप दिया गया है. पुलिस को 48 घंटे का वक्त दिया गया था और अब आगे की रणनीति के लिए मीटिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि घटना दिनदहाड़े और बहुत ही दुखदाई थी.
इस बीच अधिवक्ता शोएब किदवई बॉबी मर्डर मामले में शहर के चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. बता दें कि 13 फरवरी शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ से बाराबंकी आते वक्त हाईवे के असेनी मोड़ की सर्विस रोड पर शोएब किदवई की कार में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी. शूटर बॉबी को मारने के टारगेट पर ही आए थे. लगभग 3 फीट की दूरी से गोली मारी गई.
शोएब को तीन तरफ से घेरकर करीब 20 राउंड फायरिंग की गई, जिसमें 10 गोलियां उन्हें लगीं. फायरिंग के बाद बदमाशों ने यह भी पक्का किया कि शोएब मरे या नहीं. सीट पर घायल पड़े शोएब को फरार होने से पहले चेक भी किया गया.
शूटरों ने तीन तरफ से घेरकर की करीब 20 राउंड फायरिंग
हमलावरों ने प्रतिबंधित बोर 9mm के साथ-साथ 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया. पुलिस को मौके से 14 खोखे और एक जिंदा कारतूस मिला है. शोएब पिछले करीब 15 सालों से वकालत कर रहे थे. साल 1999 के जेलर हत्याकांड समेत करीब एक दर्जन मामलों में उनका नाम आया था, हालांकि अधिकांश मामलों में वे दोषमुक्त हो चुके थे.