उत्तर प्रदेश के बांदा में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. रेलवे ट्रैक किनारे घूम रहे लोगों द्वारा लगातार पत्थर फेंककर यात्रियों की जान खतरे में डाली जा रही थी. इसी क्रम में रेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पत्थरबाजी की बात स्वीकार कर ली.
रेलवे सुरक्षा बल लगातार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है. आरपीएफ इंस्पेक्टर के अनुसार जो लोग समझाने के बावजूद नहीं मान रहे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जा रही है.
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रेल पुलिस को सूचना मिली थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने वंदे भारत और अन्य ट्रेनों पर पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए हैं. सूचना मिलने के बाद आरपीएफ ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश तेज कर दी.
जांच में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी
जांच के दौरान पता चला कि रेल ट्रैक किनारे कुछ लोग अनावश्यक रूप से बैठते हैं, कबाड़ इकट्ठा करते हैं और शराब पीते हैं. नशे की हालत में यही लोग ट्रेनों पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं.
मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और सूचना मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. जांच में सामने आया कि एक आरोपी ने वंदे भारत एक्सप्रेस और दूसरे ने बलिया एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की थी.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ऐसे लोग ट्रैक किनारे रहकर अन्य आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम देते हैं, जिससे रेलवे सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है.
जागरूकता अभियान भी जारी
आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरुचि द्विवेदी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि दोनों आरोपियों ने शराब के नशे में ट्रेनों पर पत्थर मारकर शीशे तोड़ दिए थे. उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
इन घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है. लोगों से अपील की जा रही है कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी न करें और रेल ट्रैक पर रील या वीडियो न बनाएं, क्योंकि यह कानूनी रूप से गलत है.
स्कूली छात्राओं को भी विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है कि वे ट्रैक पर वीडियो न बनाएं और रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें.