उत्तर प्रदेश के बांदा में रसोई गैस की किल्लत को लेकर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हैं और आम लोग एक-एक सिलेंडर के लिए परेशान हैं. हालात इतने खराब हैं कि एक बुजुर्ग व्यक्ति ई-रिक्शा में पेशाब की नली लगाए गैस के लिए इंतजार करता दिखा, वहीं नवरात्रि के दौरान छोटी बच्चियां बिना चप्पलों के लाइन में खड़ी नजर आईं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है. आरोप है कि एजेंसी संचालक कालाबाजारी कर रहे हैं और आपूर्ति विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह सब हो रहा है.
पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर कर रहे अपील
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में गैस वितरण कराया जा रहा है. कई जगहों पर पुलिसकर्मी खुद हाथ जोड़कर लोगों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते दिखे, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.
हालांकि प्रशासन इन दावों से इनकार कर रहा है. एसडीएम नमन मेहता का कहना है कि जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस की निगरानी में पारदर्शी तरीके से वितरण किया जा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि कालाबाजारी के मामलों में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.
फिलहाल, जमीनी हकीकत और प्रशासन के दावों में अंतर साफ नजर आ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है.
SDM ने कहा, हमारे पास गैस का पर्याप्त स्टॉक है, गैस एजेंसियों में पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में गैस का वितरण कराया जा रहा है, हर व्यक्ति को ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत गैस मुहैया कराई जा रही है, कालाबाजारी पर कार्रवाई भी की जा रही है, एफआईआर भी दर्ज की गई है.