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ऑक्सीजन मास्क पहन DM ऑफिस पहुंचे लोग, बोले- लाखों पेड़ कहां गए? वन विभाग पर CBI जांच की मांग

बांदा में भीषण गर्मी के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता ऑक्सीजन मास्क और पेड़ लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग पर कागजों में लाखों पौधे लगाने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की. वहीं डीएम अमित आसेरी ने कहा कि गर्मी बढ़ने की वजह भौगोलिक स्थिति है. प्रशासन ने लोगों के लिए प्याऊ, कूलिंग सेंटर और पानी टैंकर की व्यवस्था की है.

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वन विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)
वन विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं का अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. स्थानीय लोग हाथों में पेड़ और मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर डीएम ऑफिस पहुंचे और जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पेड़ों की लगातार कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग की वजह से जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग हर साल लाखों पौधे लगाने का दावा करता है, लेकिन जमीन पर पेड़ दिखाई नहीं देते. उनका कहना है कि कागजों में ही वृक्षारोपण दिखाकर बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वन क्षेत्र में बचे हुए पेड़ों की भी अवैध कटाई की जा रही है, जिससे हालात और खराब हो गए हैं.

यह भी पढ़ें: 48 डिग्री की 'भट्ठी' में तपा बांदा: जिला अस्पताल के वार्ड हुए फुल, बेंच और स्ट्रेचर पर इलाज कराने को मजबूर मरीज

संगठन के अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने कहा कि पेड़-पौधों की कमी के कारण बांदा का तापमान 48 डिग्री के पार पहुंच गया है. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांगपत्र भेजकर पूरे मामले की CBI जांच कराने और जिम्मेदार वन अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है.

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‘आने वाले समय में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ेगा’

प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और पौधे लेकर डीएम ऑफिस के बाहर विरोध जताया. उनका कहना था कि यदि इसी तरह पेड़ों की कटाई होती रही तो आने वाले समय में लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर चलना पड़ेगा.

बांदा

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वन विभाग हर साल लाखों पौधे लगाने का दावा करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है. उनका आरोप है कि वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और सरकार को गुमराह किया गया है.

वहीं, बांदा के जिलाधिकारी अमित आसेरी ने गर्मी और खनन को लेकर उठे सवालों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से यह कहना सही नहीं होगा कि बांदा में सबसे ज्यादा खनन होने की वजह से गर्मी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा खनन बांदा में नहीं होता.

डीएम बोले- भौगोलिक स्थिति से बढ़ रही गर्मी

डीएम अमित आसेरी ने कहा कि बांदा की भौगोलिक स्थिति ऐसी है, जहां आसपास का क्षेत्र प्लेन एरिया होने के कारण तापमान ज्यादा बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

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डीएम के अनुसार जिले में जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था की गई है, पानी के टैंकर दुरुस्त कराए गए हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट किया गया है और कूलिंग सेंटर बनाए गए हैं. साथ ही हैंडपंपों की रिबोरिंग और बिजली आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए भी विभागों को निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने लोगों से सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने की अपील की. डीएम ने कहा कि इस बार बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा और लगाए गए पेड़ों को सुरक्षित रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

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