
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया से एक बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वह उत्तर प्रदेश के कई कद्दावर बीजेपी नेताओं के साथ नजर आ रहा है.
गिरफ्तारी से पहले राज सिंह लखनऊ में एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में शामिल हुआ था. 7 मई को लखनऊ में बीजेपी एमएलसी रवि शंकर सिंह उर्फ पप्पू सिंह की बेटी की शादी में राज सिंह को देखा गया था.
दिग्गजों के साथ फोटो
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में राज सिंह यूपी सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, बीजेपी MLA प्रिंसू सिंह और अन्य कई विधायकों के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है.
अयोध्या से दबोचा गया आरोपी
राज सिंह की मां जामवंती देवी ने गिरफ्तारी की पूरी कहानी बताते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. 9 मई को राज सिंह अपनी मां के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन करने गया था. दर्शन के बाद ढाबे पर खाना खाते समय एसओजी (SOG) की टीम ने राज सिंह और उसके साथ मौजूद 5 अन्य लोगों को पकड़ लिया.
बंगाल पुलिस की कार्रवाई
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने राज सिंह को 10 मई को बक्सर (बिहार) से गिरफ्तारी दिखाकर ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल ले गई है.
कौन है राज सिंह?
राज सिंह क्षत्रिय महासभा का महासचिव है. उसके पिता दिवंगत केशव सिंह थे और मां जामवंती सिंह डाक विभाग में कार्यरत हैं. पुलिस के अनुसार, राज सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. वर्ष 2020 में उस पर एक अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर बाहर था.
मां बोली- मेरा बेटा निर्दोष है
राज सिंह की मां ने DIG आजमगढ़ रेंज को तहरीर देकर न्याय की मांग की है. उनका कहना है कि उनका परिवार कभी कोलकाता नहीं गया और न ही वहां कोई रिश्तेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को इस साजिश में फर्जी तरीके से फंसाया गया है और वह मर्डर के समय वहां मौजूद नहीं था.
सियासी मायने
शुभेंदु अधिकारी जैसे बड़े नेता के स्टाफ की हत्या में यूपी के युवक का नाम आने से मामला बेहद संवेदनशील बन गया है, क्योंकि राजा के संबंध सत्ताधारी दल के नेताओं से दिख रहे हैं.

बंगाल पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस हत्या के पीछे की असल साजिश क्या थी और राज सिंह की इसमें क्या भूमिका थी?