
यूपी के सुल्तानपुर जिले में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. इसकी वजह है धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख के लिए होना वाला उपचुनाव. इस चुनाव में बाहुबली भाइयों सोनू सिंह और मोनू सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है. वहीं, बीजेपी की लोकल लीडरशिप के पास लोकसभा की हार का बदला लेने का मौका है. क्योंकि, मेनका गांधी को लोकसभा चुनाव हराने में सोनू-मोनू की जोड़ी का अहम रोल माना जाता है. दोनों भाई हाल ही में सपा में शामिल हुए हैं. कुछ समय पहले तक वे बीजेपी के ही साथ थे.
बता दें कि धनपतगंज ब्लॉक के प्रमुख चुनाव में लंबे समय से पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह (सोनू सिंह) और पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह (मोनू) के परिवार या उनके करीबियों का दबदबा रहा है. लेकिन इस बार के चुनाव में बीजेपी भी दमखम के साथ ताल ठोक रही है. यहां 22 अगस्त को मतदान होना है. नामांकन प्रक्रिया जारी है.

समाजवादी पार्टी ने सोनू-मोनू की माता ऊषा सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं, बीजेपी ने पार्वती सरोज को अपना उम्मीदवार बनाकर मुकाबला रोमांचक बना दिया है. बहरहाल, दोनों ही प्रत्याशियों ने नामांकन कर दिया है और मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए हर संभव प्रयास में जुट गए हैं.
सपा प्रत्याशी उषा सिंह के बेटे और पूर्व प्रमुख मोनू सिंह ने जिला प्रशासन पर दबाव में नामांकन और चुनाव प्रक्रिया कराने का आरोप लगाया है. हालांकि, वे अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. वहीं, बीजेपी प्रत्याशी पार्वती सरोज ने मीडिया से बात करते हुए मतदाताओं से उनकी मदद करने और समर्थन देने की अपील की है. फिलहाल, धनपतगंज ब्लॉक प्रमुख के लिए होने वाले इस उपचुनाव में बीजेपी और सपा के आमने-सामने आ जाने से चुनावी माहौल दिलचस्प हो गया है.

मालूम हो कि इसके पहले यशभद्र सिंह उर्फ मोनू ब्लॉक प्रमुख थे. लेकिन एक मामले में MP-MLA कोर्ट ने उन्हें दो वर्ष की सजा सुनाई, जिसके बाद वे ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी से हटा दिए गए थे. इसी के बाद पंचायती राज विभाग द्वारा यहां पुनः नोटिफिकेशन जारी किया और अब इलेक्शन कमीशन द्वारा चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जा रही है.
ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर सोनू-मोनू फैमिली का दबदबा बरकरार रहे इसके लिए समाजवादी पार्टी ने उनकी मां ऊषा सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुनाव मैदान में उतार दिया है. जबकि, बीजेपी ने पार्वती सरोज पर अपना भरोसा जताया है. दोनों ही प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं.

धनपतगंज ब्लॉक में 1984 में सोनू-मोनू के बाबा शारदा सिंह पहली बार प्रमुख चुने गए थे. उसके बाद से अभी तक यहां प्रमुख पद पर सिर्फ सोनू-मोनू के परिवार या उनके करीबियों का ही दबदबा रहा है. एक-दो बार छोड़ दें तो अबतक किसी ने भी यहां सोनू-मोनू परिवार के खिलाफ पर्चा दाखिला करने की भी हिम्मत नहीं की है. लेकिन इसबार बीजेपी ने यहां से पार्वती सरोज को मैदान में उतारकर चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है.