उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां कोत बाजार इलाके में 42 वर्षीय महिला ने अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार, महिला को कथित तौर पर बेटे को जन्म न देने को लेकर पति और ससुराल पक्ष से ताने और प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी.
पयागपुर थाने के प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि मृतक महिला की पहचान निशा के रूप में हुई है. उसकी शादी कोत बाजार निवासी विष्णु से हुई थी. दंपती की तीन बेटियां थीं, जिनकी उम्र दो, सात और दस वर्ष बताई गई है. घटना में सात वर्षीय मिस्ती और दो वर्षीय खुशबू की मौत हुई है.
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बेटे की चाह में प्रताड़ना का आरोप
पुलिस के मुताबिक, निशा के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी को बेटे को जन्म न देने के कारण लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था. पति और ससुराल पक्ष की ओर से उसे ताने दिए जाते थे. इसके अलावा दहेज को लेकर भी उसके साथ क्रूरता किए जाने के आरोप लगाए गए हैं.
शिकायत में कहा गया है कि इस प्रताड़ना से निशा मानसिक रूप से टूट चुकी थी. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जा रही है.
तालाब में कूदकर दी जान
थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शनिवार को निशा अपने घर से दो बेटियों मिस्ती और खुशबू को लेकर गांव के बाहर स्थित एक गहरे तालाब की ओर गई. वहां उसने दोनों बच्चियों के साथ तालाब में छलांग लगा दी. काफी देर बाद जब परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो पुलिस को सूचना दी गई.
रात के समय गोताखोरों की मदद से तीनों के शव तालाब से बाहर निकाले गए. शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की गई.
पति और ससुराल पक्ष पर केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति विष्णु और उसके परिजनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 (क्रूरता और घरेलू हिंसा) और धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं.
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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