उत्तर प्रदेश के बागपत में इंसाफ की गुहार लगाते-लगाते एक पीड़ित परिवार की उम्मीदें टूट गईं. रेप पीड़िता के परिजन पेट्रोल की बोतल लेकर सीधे डीएम कार्यालय पहुंच गए और आत्मदाह की कोशिश करने लगे. मौके पर मौजूद SDM ज्योति शर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए परिवार के हाथ से पेट्रोल छीन लिया और बड़ा हादसा टाल दिया.
मामला थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के बिलौचपुरा गांव का है. पीड़िता का आरोप है कि वह गांव के एक क्लीनिक पर गई थी. वहां डॉक्टर इंतिजार ने उसे नशे की गोली दी और फिर उसे अगवा कर दुष्कर्म किया. पीड़िता का कहना है कि उसे हरियाणा ले जाया गया और उसके साथ रेप किया गया.
इंसाफ न मिलने से पेट्रोल लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार
पीड़िता के परिवार ने डॉक्टर के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की. परिवार का कहना है कि थानेदार ने आरोपी डॉक्टर को पकड़कर 5 लाख रुपये लेकर छोड़ दिया और अब समझौते का दबाव बनाया जा रहा है.
इंसाफ न मिलने से आक्रोशित परिवार पेट्रोल लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गया. जैसे ही परिवार आत्मदाह करने लगा, वहां अफरा-तफरी मच गई. SDM ज्योति शर्मा ने तुरंत हस्तक्षेप किया और परिवार को समझाकर बड़ा हादसा होने से बचा लिया.
पुलिस बोली, मुकदमा दर्ज है और मामले की जांच जारी है
पीड़िता ने कहा कि वह डॉक्टर के यहां गई थी, जहां उसे गोली दी गई और फिर उसके साथ रेप किया गया. परिजन ने कहा कि वो इंसाफ के लिए भटक रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही. इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मुकदमा दर्ज है और जांच चल रही है. पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है.