
यूपी के बागपत जिले के सिरसली गांव में एक सामान्य ताश की महफिल अचानक गोलियों की बौछार में तब्दील हो गई. ग्राम प्रधान धर्मेंद्र पर हथियारबंद हमलावरों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई. इस हमले में एक और ग्रामीण विनोद भी गोली लगने से घायल हुआ है, जिसे हायर सेंटर में भर्ती कराया गया है.
चश्मदीद धर्मवीर के मुताबिक, ग्राम प्रधान टैंपो स्टैंड के पर टाइम पास के लिए दोस्तों के साथ ताश खेल रहे थे. तभी दो हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और धर्मेंद्र पर बेहद नज़दीक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. धर्मेंद्र के सिर और सीने में कई गोलियां लगने के बाद वह लहूलुहान हालत में ज़मीन पर गिर पड़े. इसके बाद हमलावरों ने गांव में दहशत फैलाते हुए खुलेआम ललकारा- “अब प्रधानी हमारी चलेगी… जो भी सामने आएगा, मारा जाएगा.”
बता दें कि ताश खेलते समय हुआ ये हमला इतना अचानक था कि गांव की गलियां गोलियों की आवाज़ से थर्रा उठीं. ग्रामीण जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. प्रधान धर्मेंद्र और घायल ग्रामीण विनोद को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ग्राम प्रधान की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत नाजुक बनी हुई है.

चश्मदीद की मानें तो इस हमले के पीछे लंबे समय से चल रही चुनावी रंजिश का हाथ है. धर्मेंद्र मौजूदा ग्राम प्रधान हैं और पूर्व प्रधान भूपेंद्र गुट से जुड़े माने जाते हैं, जिनकी कुछ समय पहले हत्या हो चुकी है. अब धर्मेंद्र पर हुआ हमला उसी रंजिश की अगली कड़ी माना जा रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों ने एक हमलावर की पहचान सतेंद्र नामक कुख्यात बदमाश के बेटे के रूप में की है, जबकि दूसरा हमलावर अभी अज्ञात है.
घटना की जानकारी मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. हर गली और नुक्कड़ पर फोर्स की तैनाती है. गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और भय का माहौल साफ देखा जा सकता है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करेगी.