उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक हैरान कर देने वाला वीडियो वायरल हुआ है. जहां एक युवक तीन युवकों को पीट रहा है. जानकारी के मुताबिक इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कस्बा रुदायन में स्कूटी हटाने को लेकर हुए विवाद में यह मारपीट हुई. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी युवक ने तीनों युवकों के पास स्कूटी रोकी बोला आधार कार्ड दिखा और थप्पड़ मारने लगा.
मौके पर मौजूद एक पीड़ित युवक ने कहा बड़े भाई ऐसा न करो. लेकिन युवक उसे भी माने लगा. गाली देते हुए उसने बुजुर्ग पर भी हाथ उठाया और पीटता हुआ तीनों काफी दूर तक ले गया. मौके पर मौजूद किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया. सोशल मीडियो पर लोग इस वीडियो को देखकर तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
थाने में दी गई तहरीर के अनुसार मोहल्ला मोहिउद्दीनपुर, सहसवान निवासी अब्दुल सलाम पुत्र अब्दुल हमीद ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह अपने साथियों आरिफ और जावेद के साथ कस्बा रुदायन गए थे. आरोप है कि मुख्य रास्ते से गुजरते समय पीछे से स्कूटी सवार एक युवक तेज हॉर्न बजाने लगा. रास्ते से न हट पाने पर युवक ने स्कूटी रोकी और गाली- गलौज शुरू कर दी और पीटने लगा.
पीड़ित ने अपनी तहरीर में पुलिस को बताया कि विरोध करने पर आरोपी ने लात घूंसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर मौके से चला गया. बाद में जानकारी करने पर आरोपी की पहचान अक्षय उर्फ छोटू पुत्र राजेंद्र उर्फ राजू शर्मा, निवासी वार्ड नंबर 8, रुदायन के रूप में हुई. कांग्रेस ने अपने X हैंडल पर इस वीडियो को शेयर कर बीजेपी पर निशाना साधा है.
यूपी का ये वीडियो देखिए 👇
— Congress (@INCIndia) February 21, 2026
इसमें बजरंग दल का नेता अक्षय ठाकुर धार्मिक भेदभाव के कारण कुछ लोगों को बुरी तरह मार रहा है, उन्हें सरेराह बेइज्जत कर रहा है।
लेकिन ये पहली बार नहीं है...
2014 से अल्पसंख्यकों के खिलाफ अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पूरे भारत में ऐसी शर्मनाक… pic.twitter.com/eCQ7KCzwgU
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया
पीड़ित अब्दुल सलाम ने बताया कि वह थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे और कैमरे पर पूरी घटना बताई. वहीं, पुलिस का कहना है कि जैसे ही वीडियो उनकी जानकारी में आया, 19 फरवरी को ही अक्षय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. पुलिस के अनुसार पहले सिर्फ वायरल वीडियो की जानकारी मिली थी, जिसके चलते युवक को शांति भंग में जेल भेजा गया. अब वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है.