अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का जनवरी में उद्घाटन होना है. इससे पहले अयोध्या के रियल्टी सेक्टर में जबरदस्त तेजी आई है. मंदिर और उसके आसपास जमीन की कीमतें 12 गुना से 20 गुना तक बढ़ गई हैं.
खासकर चौदह कोसी परिक्रमा, रिंग रोड, लखनऊ-गोरखपुर राजमार्ग के आसपास की भूमि के रेट आसमान छू रहे हैं. यहां तेजी से निर्माण कार्य भी चल रहा है. इसकी वजह है कि 2024 के अंत तक पर्यटकों की संख्या चार से पांच गुना बढ़कर 4-5 करोड़ तक पहुंच सकती है.
अयोध्या के स्टांप और पंजीकरण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2017-18 और 2021-22 के बीच संपत्ति पंजीकरण में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है. जैसे-
- 2017-18 में लगभग 6000 भूमि सौदे हुए
- 2018-19 में 15000
- 2019-20 में 17000
- 2020-21 में 20000
- वहीं 21-22 में 24000 से अधिक
जो जमीन चार साल पहले 1,000 रुपये प्रति वर्ग फुट में आसानी से मिल जाती थी, वह आज 12,000 रुपये प्रति वर्ग फुट में भी नहीं मिल रही है. चौदह कोसी परिक्रमा के आसपास 1350 वर्ग फीट जमीन की कीमत 4 लाख से बढ़कर 65 लाख रुपये हो गई है. रिंग रोड के पास जमीन की कीमतें बीस गुना तक बढ़ गई हैं.
रामनगरी 'अयोध्या' न सिर्फ सज रही है बल्कि प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखने के लिए भी तैयार हो रही है. यूपी के औद्योगिक विकास में भी अयोध्या मील का पत्थर साबित होगी.
अयोध्या के होटल अभी से हाउसफुल
राम मंदिर का उद्घाटन अगले साल 22 जनवरी को किया जाएगा, इसलिए भक्तों की भीड़ राम मंदिर के उद्घाटन के दिन उपस्थित रहने के लिए बड़ी संख्या में ऑनलाइन बुकिंग कर रही है.
इसका नतीजा यह है कि वहां के होटलों के 80 फीसदी कमरे पहले ही आरक्षित हो चुके हैं और कमरों का किराया भी बढ़ता जा रहा है. होटल मालिकों का कहना है कि 22 जनवरी को ओपनिंग होने के कारण कई पर्यटकों ने उससे एक दिन पहले यानी 21 से 23 जनवरी तक के लिए होटल बुक करा लिए हैं.
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प्राण प्रतिष्ठा के उस पल का गवाह बनने के लिए देश-विदेश से कई लोग उत्सुक हैं. अयोध्या प्रशासन का मानना है कि उस दिन पूरे शहर में भीड़भाड़ हो सकती है. उत्तर प्रदेश के इस शहर में बिजनेस चमकाने का खेल शुरू हो चुका है.
अयोध्या के होटल मालिकों का दावा है कि शहर के ज्यादातर होटल तीन दिनों के लिए बुक हैं. राम मंदिर के उद्घाटन में अभी ढाई महीने बाकी हैं, इससे पहले 80 फीसदी होटल बुक हो चुके हैं. होटल मालिकों का कहना है कि 22 जनवरी को उद्घाटन के चलते अयोध्या में एक लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है.
इंडिया टुडे से बात करते हुए रामायण होटल्स के मैनेजर अमित मिश्रा ने कहा कि हम मेहमानों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं लेकिन तारीख की घोषणा से पहले ही जनवरी का महीना मेहमानों के लिए अयोध्या में आवास पाना आसान नहीं है.
अधिकांश होटल 22 जनवरी को पहले ही बुक हो चुके हैं और अगले सप्ताह उसी समय होटल के कर्मचारियों द्वारा हमारे व्यंजनों के साथ मेहमानों का स्वागत करने और उन्हें अयोध्या के सार के साथ एक आरामदायक प्रवास देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है.
इसी तरह, रामायण होटल के हेड शेफ ने कहा कि हम इस अवसर के अनुसार व्यंजन तैयार कर रहे हैं, व्रत के भोजन के साथ-साथ साधारण भोजन भी परोसा जाएगा और बाजरा आधारित व्यंजनों पर जोर दिया जाएगा. इन होटल्स के किराए की तुलना यहां है-
| होटल | जनवरी 2024 (प्रति रात्रि दर) | अप्रैल 2024 |
| होटल रामायण | 63,400 | 14,900 |
| होटल पंचशील | 17,900 | 3,900 |
| होटल हनुमानजी | 8,016 | 1,888 |
| होटल नीलकंठ | 10,325 | 1,740 |
| होटल अयोध्या पैलेस | 16,221 | 3,722 |
| केके होटल | 20,925 | 7,905 |
| ट्रिमरूम सुभारंभ | 10,737 | 3,036 |
अयोध्या की अर्थव्यवस्था मेलों पर निर्भर थी, लेकिन मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था भी बदल गई है, क्योंकि रामनगरी में पर्यटक चार गुना बढ़ गए हैं. पहले हर साल करीब दो करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आते थे.
अर्थशास्त्री प्रोफेसर विनोद श्रीवास्तव के अनुसार उनका कहना है कि दो साल पहले तक अयोध्या का वांछित निवेश दस फीसदी था, आज यह 50 फीसदी तक पहुंच गया है जो बड़ी आर्थिक प्रगति का संकेत है.
वर्तमान में सालाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब एक करोड़ है, जिसके 2024 के अंत तक 4-5 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. इससे न केवल होटल उद्योग को फायदा होगा बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
अयोध्या में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के निवेश के इरादे को इस बात से भी समझा जा सकता है कि 1 फरवरी को पहली बार अयोध्या में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने 19 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे. यहां तीर्थ स्थल के साथ-साथ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य और कल्याण पर्यटन के साथ-साथ एमएसएमई, ओडीओपी, व्यापार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स के रूप में भी विकसित किया जा रहा है.
महत्वपूर्ण बात ये है कि यह शहर बड़े ब्रांडों के केंद्र के रूप में भी स्थापित हो रहा है. यहां पिज्जा हट, डोमिनोज, करी लीफ, पैंटालून जैसे बड़े ब्रांड्स के आउटलेट भी खुल गए हैं.
रामनगरी में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बीच युवाओं में टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम करने की चाहत भी बढ़ी है. इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग में दो सत्रों में 92 युवाओं को पर्यटक गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया गया है.
प्रदेश के बड़े शहरों की तरह अयोध्या में भी करोड़ों रुपये के फ्लैट न सिर्फ बनेंगे बल्कि तुरंत बिक भी जायेंगे, जिन्हें मुंबई के मशहूर ग्रुप बना रहे हैं. इसके अलावा, 42 चार से पांच सितारा होटल-रिसॉर्ट यहां आने के लिए पर्यटन विभाग से अनुमति लेने की कतार में हैं.
अयोध्या में उतरेंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स
एक तरफ इस साल अयोध्या में घरेलू उड़ानें शुरू हो जाएंगी, वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरपोर्ट पर मार्च में काम शुरू हो जाएगा. देश का पहला एलिवेटेड कॉनकोर्स रेलवे स्टेशन भी यहीं बन रहा है. इस सबका परिणाम यह हुआ कि जमीन की कीमतें बीस गुना बढ़ गईं.
वहीं दूसरी ओर अयोध्या अब नए स्वरूप में विकसित होने जा रही है. इस नवीनीकरण परियोजना की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को सौंपी गई है. इस परियोजना का नाम 'ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या' रखा गया है, जिसे लखनऊ-गोरखपुर राजमार्ग के दोनों ओर 1407 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा.
इस टाउनशिप में कृत्रिम झील, मठ, आश्रम, कुटीर उद्योग, गोदाम और पांच सितारा होटल शामिल होंगे. नई टाउनशिप में 367 एकड़ जमीन आवासीय भूखंडों के लिए, 93 एकड़ जमीन ग्रुप हाउसिंग के लिए, 55 एकड़ जमीन मठों और आश्रमों के लिए और 60 एकड़ जमीन विदेशी गेस्ट हाउस के लिए आवंटित की गई है. इसके अलावा 128 एकड़ जमीन कुटीर उद्योगों और गोदाम के लिए रखी गई है.
मकान टूटने से परेशान भी हैं लोग
अयोध्या आने वाले दिनों में कितना विकसित होगा ये वक्त के साथ पता चल जाएगा. लेकिन आज की तारीख में शहर बदल रहा है, दुकानें बदल रही हैं और कई मकान तोड़े भी जा रहे हैं. फिलहाल स्थानीय व्यापारी इससे काफी परेशान हैं. लेकिन इसके पीछे तर्क किया जा रहा है कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है.
अयोध्या में रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर उद्घाटन से पहले पवित्र शहर की कनेक्टिविटी को आसान और पूरी तैयारी के साथ बनाया जा रहा है. अयोध्या ट्रेन कंट्रोलर सौरभ पांडे के मुताबिक, स्टेशन को लेकर रेलवे काफी संवेदनशील है और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और मजबूत करने का काम किया जा रहा है.
सौरभ पांडे ने बताया, 'जो ट्रेनें पहले प्रयागराज तक थीं, उन्हें यहां बढ़ा दिया गया है. कुछ ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई गई है, कुछ विशेष ट्रेनिंग भी बढ़ाई गई है, यहां स्टाफ की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, उन्हें और ट्रेनिंग दी जा रही है.'