
यूपी के गोंडा में पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा आयोजित 'राष्ट्र कथा' में अवधी गायक संजय यदुवंशी भी पहुंचे हुए थे. बताया जा रहा है कि संजय के आगमन की खबर फैलते ही उनके फैंस का हुजूम उमड़ पड़ा. हालात ऐसे हो गए कि पुलिस को दखल देना पड़ा और सुरक्षा-व्यवस्था के लिहाज से गायक को कुछ देर के लिए नजरबंद करना पड़ा. आइये जानते हैं संजय यदुवंशी की कहानी...
आपको बता दें कि सुल्तानपुर जिले के धम्मौर स्थित हनुमत इंटर कॉलेज से पढ़े संजय कभी तंगहाली के कारण अपना UPSC का सपना पूरा नहीं कर सके थे. साल 2020 में मौसा से मिले एक स्मार्टफोन ने उनकी जिंदगी बदल दी, जिसके बाद उन्होंने कॉमेडी और '108 पर लद के जाबा' जैसे गानों से शोहरत हासिल की. पूर्वांचल के कद्दावर नेता बृजभूषण शरण सिंह ने भी उन्हें कथा के दौरान आमंत्रित किया था, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई साथ ही वह मीडिया की लाइमलाइट में आ गए.
संघर्ष से सफलता तक का सफर
संजय के पिता सियाराम यादव सालों तक हरियाणा में ऑटो चलाकर परिवार पालते थे. संजय खुद सेना में जाना चाहते थे, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया का रुख किया. शुरुआती दिनों में उन्होंने 'Sanjay Yadav Comedy' नाम से चैनल बनाया. जब उनकी रील वायरल होने लगी, तो बड़े भाई शिवा यादव ने भी उनका साथ देना शुरू कर दिया. आज दोनों भाई मिलकर डिजिटल दुनिया में बड़ा नाम कमा चुके हैं और अपनी मेहनत से स्कार्पियो और थार जैसी गाड़ियां खरीदी हैं.

परिवार की जुबानी संजय की कहानी
संजय की मां कौशल्या देवी और पिता सियाराम बताते हैं कि बेटे ने बहुत कम समय में अपनी पहचान बनाई है. छोटी बहन पुनीता, जो खुद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है, अपने भाई की सफलता पर गर्व महसूस करती है. स्कूल के दिनों में खेलकूद और विज्ञान प्रदर्शनी में हमेशा टॉप रहने वाले संजय ने यूट्यूब की पहली कमाई से रेंजर साइकिल खरीदी थी. आज उनका परिवार गांव में रहकर खेती-किसानी करता है, जबकि संजय और शिवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं.
जानकारी के मुताबिक, संजय चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं. उनकी दो बहनें फिलहाल ग्रेजुएशन (BA) के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं. वहीं, पिता गांव में परिवार के साथ रहकर खेती-किसानी कर रहे हैं.