UP के फतेहपुर के एक छोटे से चाय विक्रेता आर्यन यादव इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उनकी दुकान पर पहुंचकर चाय पी थी, जिसके बाद से आर्यन का दावा है कि उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं. उनका कहना है कि पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन अब उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है. इसी बीच अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात कर उन्हें चाय बनाने के लिए पीतल के नए बर्तन दिए हैं.
इस मदद से उत्साहित आर्यन ने कहा कि उनकी चाय का स्वाद पूरे प्रदेश में कहीं नहीं मिलेगा. उन्होंने अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे उनकी तरह मेहनत और स्वाद वाली चाय बनाकर दिखाएं.
आर्यन के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को अखिलेश यादव के उनकी दुकान पर आने के बाद हालात बदले. उनका कहना है कि वर्षों से दुकान चलाने के बावजूद कभी कोई शिकायत नहीं हुई, लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्थानीय लोगों तक द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है.
'जो अधिकारी पहले चाय पीते थे वो परेशान कर रहे'
आर्यन ने आरोप लगाया कि 15 अप्रैल को फूड इंस्पेक्टर धीरज दीक्षित ने उनकी दुकान पर छापा मारा और लाइसेंस की जांच की. इसके बाद एल्युमीनियम के बर्तनों में चाय बनाने को आधार बनाकर कार्रवाई की बात कही गई. आर्यन का कहना है कि वही अधिकारी पहले कई बार उनकी चाय पी चुके हैं और उसकी तारीफ करते थे, लेकिन अब अचानक वही चाय उन्हें खराब लगने लगी है. उनके अनुसार, उनके पास सभी जरूरी लाइसेंस मौजूद हैं, फिर भी उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है.
दुकान पर तोड़फोड़ के आरोप
आर्यन ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दुकान पर हमला कर तोड़फोड़ की गई और परिवार के साथ मारपीट की गई. उन्होंने इस संबंध में सुल्तानपुर घोष थाने में शिकायत भी दी है, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. आर्यन के मुताबिक, हमले में शामिल लोग स्थानीय जिला पंचायत सदस्य से जुड़े हुए हैं.