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'रामलीला में रावण का किरदार निभाता था अक्षत', लखनऊ ड्रम कांड के आरोपी बेटे पर चौंकाने वाला खुलासा

पड़ोसियों के मुताबिक, रामलीला में रावण का पात्र निभाने वाला अक्षत शातिर और जिद्दी था. उसने पैथोलॉजी बंद कर रेस्टोरेंट खोलने के विवाद में फिल्मी स्टाइल में हत्या की. बदबू छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर छिड़का और बहन को बंधक बनाया. वह पहले भी घर से भागकर 6 पन्नों का पत्र लिख चुका था.

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लखनऊ में बेटे ने की पिता की हत्या (Photo- ITG)
लखनऊ में बेटे ने की पिता की हत्या (Photo- ITG)

राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. सेक्टर-एल स्थित एक मकान में एक बेटे ने अपने पिता की निर्मम हत्या कर सबको चौंका दिया है. हत्या इतनी निर्मम की गई पूरा इलाका सन्न है. मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से पैथोलॉजी संचालक थे और शराब कारोबार से भी जुड़े थे.

पुलिस के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा और बेटी के साथ रहते थे. उनकी पत्नी का पहले निधन हो चुका था. 20 फरवरी से मानवेंद्र के लापता होने की जानकारी सामने आई थी. बेटे अक्षत ने 23 फरवरी को पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी.

रोते-बिलखते परिजन

मौके पर पहुंची पुलिस ने जब तलाशी ली तो भयावह मंजर सामने आया. घर के अलग-अलग हिस्सों से शव के टुकड़े बरामद हुए. पुलिस का कहना है कि शव को काटकर छिपाने की कोशिश की गई थी. कई टुकड़े एक ड्रम में भी मिले हैं, जिससे हत्या की निर्ममता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के बेटे अक्षत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. शुरुआती जांच में बेटे की भूमिका पर गंभीर संदेह जताया जा रहा है. हालांकि, हत्या की असली वजह अभी साफ नहीं हो सकी है.

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पड़ोसियों ने दी ये जानकारी 

पड़ोसियों ने बताया कि आरोपी अक्षत वर्षों से कॉलोनी में होने वाली रामलीला में रावण का किरदार निभाता था. किसी को उम्मीद नहीं थी कि रावण का किरदार निभाने वाला युवक अपने ही पिता की इतनी बेरहमी से हत्या करेगा. पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह बेहद मिलनसार थे और कॉलोनी में उनकी अच्छी छवि थी. वे अपने बच्चों के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. बताया गया कि अक्षत अक्सर पिता से ही पैसे मांगता था और उनकी लाइसेंसी बंदूक लेकर रौब भी जमाता था.

मृतक मानवेंद्र सिंह के दोस्त धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अक्षत मोहल्ले में किसी ज्यादा मतलब नहीं रखता था कभी अगर आमना सामना हो जाता था तो बातचीत हो जाती थी. कुछ साल पहले अक्षत घर से भाग भी चुका था जिसके बाद वह कानपुर में बरामद हुआ था. भागने के बाद उसने 6 पन्ने का एक पत्र लिखा था.  अक्षत अपने पिता से पैथोलॉजी लैब बंद कर लोन या रेस्टोरेंट खोलने की सलाह दी थी.

वहीं, पड़ोसी आरपी सिंह ने कहा कि आखिर कैसे आरोपी अक्षत अपने पिता को मार के नीचे ले आया. यह जांच का विषय है. अपनी बहन को बंधक बना लिया था इसलिए वह इतने सदमे में है कि कुछ बोल ही नहीं पा रही. अक्षत ने पूरी फिल्मी स्टोरी की तरह इस वारदात को अंजाम दिया है. बदबू छुपाने के लिए उसने पूरे घर में रूम फ्रेशनर डाल रखा था ताकि बदबू घर से बाहर ना जा सके.

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फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है. फॉरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आरोपी से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस खौफनाक हत्या की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी.

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