समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार और केंद्र की नीतियों पर जमकर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को 'सौदागर' करार देते हुए आरोप लगाया कि वे मुनाफे के लिए देश की बुनियादी संपत्तियों को बेच रहे हैं.
उन्होंने दादरी रैली के बाद सरकार के 'होश उड़ने' का दावा किया और कहा कि वर्तमान समय अमृतकाल नहीं बल्कि सनातनियों के लिए संकटकाल है. सपा अध्यक्ष ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को एकजुट कर बूथ स्तर पर काम करने और आगामी चुनाव में भाजपा को हराकर समाजवादी सरकार बनाने का संकल्प दोहराया.
बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था
अखिलेश यादव ने प्रदेश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पर है और इंसानों के लिए जानवरों वाले इंजेक्शन खरीदे जा रहे हैं. शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को बर्बाद कर दिया गया है. अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने जापान देखने के बाद भी अपनी आंखें बंद कर ली हैं और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की सरेआम हत्या हो रही है.
भ्रष्टाचार और 'बर्बादी कॉरिडोर'
लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर को अखिलेश ने 'बर्बादी कॉरिडोर' करार देते हुए इसके डिजाइन को गलत बताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा तैयार किए गए इस गलत डिजाइन की वजह से जनता जाम से जूझ रही है. भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार में किसानों की जरूरत की चीजें महंगी हो गई हैं और उन्हें जमीन का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को भी सरकारी संपत्तियों को बेचने की एक कड़ी बताया.
चुनावी रणनीति और अधिकारियों पर सवाल
चुनाव आयोग की भूमिका पर बात करते हुए अखिलेश ने अधिकारियों के तबादलों और पक्षपात पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तरह यूपी में भी चुनाव से पहले निष्पक्षता होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी सरकार के दबाव में गलत काम कर रहे हैं, लेकिन अब वे भी परेशान हैं. अखिलेश ने दावा किया कि अगले चुनाव में अन्य प्रदेशों से भाजपा की 'बटालियन' आएगी, लेकिन जनता और पीडीए मिलकर उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे.