ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के डिलीवरी हब को निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. आगरा के ताजगंज इलाके में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है. इस गैंग ने चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए किराए की कार का इस्तेमाल किया. उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी, ताकि पहचान छिपाई जा सके.
घटना 11 फरवरी की रात की है, जब पंचवटी रोड, ताजगंज फेस-2 स्थित फ्लिपकार्ट डिलीवरी हब को निशाना बनाया गया. देर रात चोरों ने हब का ताला काटकर अंदर प्रवेश किया और दो डॉक्यूमेंट लॉकर व एक कैश लॉकर को तोड़ दिया. इसके अलावा वहां रखे मोबाइल फोन भी चोरी कर लिए गए. पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, अनुमान है कि आरोपियों को पहले से हब की गतिविधियों की जानकारी थी.
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घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की. जांच के दौरान एक संदिग्ध काली स्कॉर्पियो कार पुलिस के रडार पर आई. जब पुलिस ने उसकी नंबर प्लेट की जांच की तो वह फर्जी निकली. यही सुराग इस पूरे गिरोह तक पहुंचने की कुंजी बना. इसके बाद पुलिस ने बसई मंडी से मॉलिक्यूल रोड की ओर जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है. इसमें करीब 2.90 लाख रुपये कैश, 6 मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार और चोरी के उपकरण शामिल हैं. जांच में सामने आया कि कुल मिलाकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की चोरी हुई थी, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था. बरामद रकम उसी में से बची हुई बताई जा रही है.
किराए की कार और फर्जी नंबर प्लेट
चोरी की घटना को अंजाम देने का गिरोह का अंदाज बेहद शातिर था. आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए गाजियाबाद से एक रेंटल एजेंसी के जरिए स्कॉर्पियो कार किराए पर ली थी. इसके बाद पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई. पुलिस अब इस रेंटल नेटवर्क और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी गहराई से जांच कर रही है.
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो कई बातें सामने आईं. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल आगरा ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. इनमें एटा, बदायूं, हापुड़ और मुरादनगर के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार और राजस्थान के जयपुर शामिल हैं.
पुलिस क्या कहती है?
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि ताजगंज इलाके में एक घटना की शिकायत मिली थी. फ्लिपकार्ट डिलीवरी हब में कुछ अज्ञात लोग चोरी की मंशा से घुसे थे. उन्होंने दो डॉक्यूमेंट लॉकर तोड़े और एक कैश लॉकर तोड़ा. डॉक्यूमेंट लॉकर से कुछ मोबाइल चोरी किए और कैश लॉकर से कैश चुराया. इस मामले की जांच के दौरान एक स्कॉर्पियो मिली, जिस पर नंबर प्लेट की जांच की, तो वह फर्जी पाई गई.
अन्य जनपदों में पता किया तो सामने आया कि सेम गैंग ने वहां के फ्लिपकार्ट के हब में चोरी की थी. इसमें बीते 8 फरवरी को एक घटना हापुड़ में हुई. फिर मुरादनगर में एक घटना हुई. एक घटना बदायूं में हुई. आगरा में 11 फरवरी को घटना हुई. अन्य जनपदों से एविडेंस मिले थे, उसके आधार पर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.