प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या के दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गैंग के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई जारी है. जिला प्रशासन ने हाल ही में गैंग के गुर्गों के अवैध कब्जे से 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 38 बीघा जमीन मुक्त कराई है.
आईएस 227 केवल एक इंटरस्टेट गैंग का नंबर नहीं, बल्कि लंबे समय तक प्रयागराज में खौफ का प्रतीक रहा. गैंग का सरगना भले अब जीवित नहीं है, लेकिन उसकी जड़ें गहरी रही हैं. प्रशासनिक जांच में सामने आया कि शहर पश्चिमी क्षेत्र के नसीरपुर सिलना गांव में 38 बीघा ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा कर दस्तावेजों में हेरफेर कर लिया गया था.
डीएम के आदेश पर जांच
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एसडीएम सदर अभिषेक कुमार सिंह ने मामले की जांच कराई. जांच के बाद खातेदारों के नाम निरस्त कर जमीन को ग्राम सभा के पक्ष में दर्ज कराया गया और कब्जा भी हटवाया गया. यह जमीन अमानंउल्ला, एकबाल अहमद, गुलाम गौस, इश्तियाक अहमद और मोहम्मद बिटनिया के नाम दर्ज थी.
एयरपोर्ट के पास की जमीन 25 करोड़ रुपये
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के नसीरपुर सिलना गांव में मुक्त कराई गई जमीन में से 9 बीघा जमीन चार सरकारी विभागों को भवन निर्माण के लिए आवंटित की गई है. एयरपोर्ट चौराहे के पास स्थित इस जमीन की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी गई है. यहां महिला हॉस्टल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और जीएसटी विभाग के भवन बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है.
एडीएम नजूल और मुख्य राजस्व अधिकारी के अनुसार, मुक्त कराई गई अन्य जमीनों पर भी विभिन्न सरकारी विभागों के भवन निर्माण की योजना है. प्रशासन का कहना है कि माफिया से जुड़ी अवैध संपत्तियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.