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जिनको लाइफ में थोड़ा कम मिला… विनोद कांबली के इस नए ऐड से लोग क्यों खफा हैं?

सोशल मीडिया पर विनोद कांबली के एक विज्ञापन को लेकर चर्चा है. यह आइसक्रीम ब्रांड का ऐड है, लेकिन कई लोगों को इसमें कांबली का इस तरह इस्तेमाल किया जाना सही नहीं लगा. आइये जानते हैं क्या है इस ऐड की कहानी.

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 विज्ञापन में विनोद कांबली एक मैदान के किनारे बेंच पर बैठे नजर आते हैं (Photos: Dinshaw’s/YouTube)
विज्ञापन में विनोद कांबली एक मैदान के किनारे बेंच पर बैठे नजर आते हैं (Photos: Dinshaw’s/YouTube)

'जिनको लाइफ में थोड़ा कम मिला है, उनके लिए थोड़ा ज्यादा… तीन गुना ज्यादा.' यही लाइन आइसक्रीम ब्रांड दिनशॉज़ के नए विज्ञापन की टैगलाइन है, जिसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली नजर आ रहे हैं. इस ऐड को ब्रांड ने ‘कमबैक’ नाम दिया है. विज्ञापन में दिखाया गया है कि जिन्हें जिंदगी में थोड़ा कम मिला, वे थोड़ा ज्यादा के हकदार हैं, और इसी बात को आइसक्रीम कोन की एक्स्ट्रा चॉकलेट टिप से जोड़ा गया है. हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग इस लाइन को कांबली की जिंदगी से जोड़कर भी देख रहे हैं, जिससे इस ऐड के कॉन्सेप्ट को लेकर बहस शुरू हो गई है.

विज्ञापन में विनोद कांबली एक मैदान के किनारे बेंच पर बैठे नजर आते हैं, जहां बच्चे क्रिकेट खेल रहे होते हैं. इसी दौरान वह यह भावुक लाइन बोलते हैं और आइसक्रीम खाते दिखते हैं. ऐड का टोन बेहद सादा है, लेकिन इसका संदेश गहरा है, जिसने दर्शकों को भावुक करने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर किया.

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस ऐड को लेकर इंटरनेट दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है. एक तरफ कई लोग इसे कांबली का इमोशनल कमबैक मानते हुए उनकी सराहना कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने इस टैगलाइन पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि मार्केटिंग के लिए किसी व्यक्ति के मुश्किल दौर को इस तरह पेश करना ठीक नहीं है. कुछ लोगों ने इसे संवेदनशील बताते हुए ‘ओवरड्रामेटिक’ भी कहा.

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देखें वीडियो

 एक वक्त का स्टार, फिर गुमनामी

विनोद कांबली का नाम कभी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में लिया जाता था. सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी जोड़ी को बेहद पसंद किया जाता था और यह माना जाता था कि वह उनसे भी आगे निकल सकते हैं. उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और अलग अंदाज था, जिसने उन्हें खास पहचान दिलाई.

करियर का गिरता ग्राफ

लेकिन समय के साथ हालात बदलते गए. खराब आदतें, खासकर शराब की लत, उनके करियर पर भारी पड़ीं. धीरे-धीरे वह टीम से बाहर होते गए और गुमनामी में खो गए. यह गिरावट जितनी तेज थी, उतनी ही हैरान करने वाली भी.

स्वास्थ्य से जंग और इमोशनल पल

पिछले कुछ वर्षों में कांबली कई बार अपनी सेहत को लेकर चर्चा में रहे. दिसंबर 2024 में अपने कोच रमाकांत आचरेकर की श्रद्धांजलि सभा में वह सचिन तेंदुलकर को देखकर भावुक हो गए थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं. उसी साल अक्टूबर में उन्हें यूरिनरी इंफेक्शन हुआ और बाद में दिमाग में क्लॉट की समस्या भी सामने आई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ.

यह विज्ञापन सिर्फ एक ब्रांड प्रमोशन नहीं, बल्कि विनोद कांबली के जीवन के उतार-चढ़ाव की झलक भी पेश करता है—ऊंचाइयों से गिरावट और फिर वापसी की कोशिश. यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के लिए सिर्फ एक ऐड नहीं, बल्कि एक भावना बन गया है, जिसे लोग महसूस कर रहे हैं.

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