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म्यूजियम में 98 लाख के आर्टवर्क के हिस्से को खा गया लड़का, बोला- ये भी आर्ट है

कोई म्यूजियम में लगे आर्टवर्क को कैसे खा सकता है? लेकिन दक्षिण कोरिया में एक लड़के ने ऐसा ही किया. दरअसल म्यूजियम में लगे 98 लाख रुपये के एक आर्टवर्क का एक हिस्सा एक पका हुआ केला भी था जिसे एक कॉलेज स्टूडेंट ने निकालकर खा लिया. इतना ही नहीं बल्कि उसने तो केला खाने के बाद छिलके को वापस चिपका दिया.

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आर्टवर्क खा गया लड़का
आर्टवर्क खा गया लड़का

कई बार किसी की नादानी के चलते बड़ा नुकसान हो जाता है. इटली के जाने माने आर्टिस्ट Maurizio Cattelan के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. स्काई न्यूज के अनुसार एक म्यूजियम में लगे Cattelan के एक $1,20,000 (98 लाख रुपये) के आर्टवर्क के एक हिस्से को कोई खा गया. इस आर्टवर्क का नाम 'कोमेडियन' रखा गया था.

केला खाकर चिपका दिया छिलका

दक्षिण कोरिया के सियोल के Leeum Museum of Art में लगे WE एक्जिबिशन में दीवार पर एक पका हुआ केला टेप से चिपका हुआ था. थोड़ा अजीब है लेकिन ये Cattelan के एक आर्ट वर्क का हिस्सा था. अब यही केला म्यूजियम देखने आए सियोल यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने निकालकर खा लिया. इतना ही नहीं बल्कि उसने तो केला खाने के बाद छिलके को वापस चिपका दिया. 

'भूख लगी थी तो खा लिया'

केला खाने वाले छात्र की पहचान नोह हुएन-सू के रूप में हुई है. इस घटना को नोह के दोस्त ने रिकॉर्ड कर लिया था और अब इसका वीडियो भी वायरल हो गया है. जब नोह से पूछा गया कि उसने ये हरकत क्यों की तो उसने कहा कि दरअसल वह घर से नाश्ता करके नहीं आया था और उसे भूख लगी थी. हालांकि स्थानीय मीडिया ने बताया कि म्यूजियम ने बाद में छिलके को हटाकर उसी स्थान पर एक नया केला रख दिया. म्यूजियम के प्रवक्ता का कहना है कि 'ये अचानक ही हो गया और कुछ समझ नहीं आया.'

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'आर्ट वर्क को नुकसान को भी आर्ट मानें'

ऐसा करने वाले नोह के अंदर कोई पछतावा नहीं दिखाई पड़ा बल्कि वह तो बहुत हल्के मूड में था. नोह ने बाद में कहा कि वह कैटेलन के काम को एक अथोरिटी के खिलाफ विद्रोह के रूप में देखा. उसने केबीएस न्यूज से कहा-  "विद्रोह के खिलाफ भी एक और विद्रोह हो सकता है. नुकसान पहुंचाई गई कलाकृति को भी आर्ट के रूप में देखा जा सकता है, मैंने सोचा कि यह दिलचस्प होगा. इसे वहां खाने के लिए नहीं लगाया था क्या?"

पहले भी आए ऐसे मामले 

घटना के बारे में जानकारी दिए जाने पर कैटेलन ने कहा, "कोई परेशानी नहीं है". यह पहली बार नहीं है जब किसी ने सोचा हो कि कोई आर्ट खाने के लिए रखा है बल्कि पहले भी म्यूजियम में ऐसे मामले आते रहे हैं. बता दें कि  कैटेलन का ये आर्ट एक्जिबिशन में 16 जुलाई तक रखा रहेगा, जिसमें हर दो से तीन दिनों में नियमित रूप से केले को बदला जाता है.

 

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