सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट के लिए चर्चित रहने वाले इन्फ्लुएंसर 'द स्किन डॉक्टर' की गिरफ्तारी बुधवार को चर्चा में रही. लगभग 1 मिलियन फॉलोअर वाले इस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को बुधवार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनके परिवार को निशाना बनाते हुए कथित रुप से आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी.
PTI के अनुसार आरोपी डॉ. नीलम सिंह, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'द स्किन डॉक्टर' के नाम से जाना जाता है. एक उद्योगपति के परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर इन्फ्लुएंसर से पूछताछ की गई और बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया, जबकि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है.
बाद में रात 10 बजे के लगभग उन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी.
डॉ नीलम सिंह ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, "मुझे एक ऐसे मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिसके बारे में मेरा मानना था कि उसमें कोई दम नहीं है; और मैं अपना पक्ष रखने के लिए पूछताछ में शामिल हुआ. हालांकि पुलिस ने मुझे शाम 5:30 बजे गिरफ़्तार कर लिया. मुझे रात 10 बजे ज़मानत मिल गई, और ड्यूटी जज ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस मामले में कोई अपराध नज़र नहीं आता."
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में 'द स्किन डॉक्टर' ने संजय कपूर की वसीयत पर सवाल उठाए थे. बताया जाता है कि यह वसीयत उनकी मौत से तीन महीने पहले बनाई गई थी और इसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति अपनी पत्नी प्रिया सचदेव के नाम कर दी थी. एक अन्य पोस्ट में इस इन्फ्लुएंसर ने उनकी मौत की वजह 'कार्डियक फेलियर' बताए जाने पर भी सवाल उठाया था. हालांकि पुलिस ने उन विशिष्ट टिप्पणियों का खुलासा नहीं किया है जिन पर ये सवाल उठाए गए हैं.
जमानत मिलने के बाद 'द स्किन डॉक्टर' ने गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, "मैं उन बहुत से लोगों का शुक्रगुजार हूं, चाहे वे ऑनलाइन हों या ऑफलाइन जिन्होंने मेरा साथ दिया. मैं सचमुच उनका आभारी हूं. बेशक, ऐसे बहुत से लोग हैं जो आपको पसंद नहीं करते और जब आप मुश्किल में होते हैं, तो वे ऐसे मौकों का फायदा उठाकर आप पर और जोर से वार करते हैं; लेकिन यह खेल का ही एक हिस्सा है. आज उनका दिन था, और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया. मैं इन वारों को झेल सकता हूं और फिर से मज़बूती से वापसी कर सकता हूं."
उन्होंने आगे कहा कि, "ऐसे मुश्किल समय में ही इंसान को वैचारिक समर्थन की अहमियत का एहसास होता है. जिन लोगों ने सबसे नाज़ुक मोड़ पर मेरा साथ दिया, वे न तो मेरे कोई करीबी दोस्त थे और न ही कोई रिश्तेदार; बल्कि वे लोग थे जिनके साथ मैं एक ही विचारधारा के बंधन से जुड़ा हुआ हूं."
द स्किन डॉक्टर ने कहा कि इस घटना ने मेरे नज़रिए में कई नई परतें जोड़ दी हैं. और इनमें सबसे अहम वे पहलू हैं जिन्हें हम अक्सर सोशल मीडिया पर रोजमर्रा की बहस-मुबाहिसों की आपाधापी में नजरअंदाज़ कर देते हैं.