आम तौर पर किसी जानवर के काट लेने पर इंसान के शरीर में रेबीज नाम का वायरस घुस जाता है जो कि जानलेवा होता है. इतना ही नहीं बल्कि ये बुरी तरह से फैलता भी है. अमेरिका के नेब्रास्का में हाल में इलाज के दौरान एक बीमार आवारा बिल्ली की मौत हो गई. इस बिल्ली को रेबीज था. सुनने में साधारण लगता है लेकिन इसकी मौत के बाद से क्षेत्र में तनाव की स्थिति है.
रेस्क्यू करने वाला कपल पर किया हमला
वजह यह है कि इस बिल्ली ने मरने से पहले लगभग 10 लोगों पर हमलाकर उन्हें काट लिया था. घटना का बाद से रेबीज का बड़ा डर पैदा हो गया है. दरअसल इस बिल्ली को अमेरिका के नेब्रास्का के एक कपल मेडलिन और रिच ने रेस्क्यू किया था. बिल्ली इस कपल पर पहले ही हमला कर चुकी थी.
डॉक्टरों ने जांच में पाया कि...
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, बामुश्किल दो पाउंड के बिल्ली के बच्चे स्टैनली के खाना छोड़ने और दौरे पड़ने के बाद उसे डॉक्टरों के पास ले जाया गया था. यूं स्टैनली की बीमारी के लगभग दो दर्जन संभावित कारणों में रेबीज को केवल एक संभावना के रूप में देखा गया था, लेकिन डॉक्टर यह जानकर हैरान रह गए कि स्टैनली को सच में रेबीज था. डॉक्टरों के पास जाने के अगले दिन ही स्टैनली की मौत हो गई. लेकिन तब तक वह 10 लोगों को काट चुकी थी. ऐसे में ये समझने की कोशिश की जा रही है कि उसने 10 व्यक्तियों में से किसी को भी संक्रमण फैलाया है या नहीं.
1000 रैकून्स का टीकाकरण
बिल्ली के सैंपल से रेबीज के एक प्रकार का पता चला है जो आम तौर पर एपलाचिया क्षेत्र के पूर्व में स्थित रैकून में पाया जाता है. इसके तुरंत बाद से डगलस काउंटी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संक्रमण फैलने रोकने के लिए आसपास के क्षेत्र में 1,000 रैकून का टीकाकरण शुरू कर दिया.
बता दें कि अगर लक्षण शुरू होने से पहले इसका इलाज नहीं किया जाता है तो रेबीज को मनुष्यों में 100% जानलेवा माना जाता है. सीडीसी का अनुमान है अब रेबीज के इस रैकून वैरिएंट को क्षेत्र में फैलने से रोकना जरूरी है क्योंकि अगर ये फैला तो नतीजे भयंकर होंगे. ये हर साल 24 मील रेडियस तक फैल सकता है. पांच सालों में, रेबीज का स्ट्रेन दक्षिण डकोटा, मिनेसोटा, आयोवा, मिसौरी और कंसास में फैल सकता है और अनुमानित 7 मिलियन अमेरिकियों को खतरे में डाल सकता है.
एक संक्रमित पर 8,000 डॉलर तक का खर्च
फिलहाल स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन सभी दस लोगों का पता लगाया है जिनपर स्टैनली ने हमला किया था ताकि जल्द से जल्द उन्हें वायरस को बेअसर करने के लिए रेबीज वैक्सीन की चार खुराक और मानव रेबीज प्रतिरक्षा ग्लोब्युलिन की एक खुराक दी जा सके. इस ट्रीटमेंट की लागत हर व्यक्ति के लिए 8,000 डॉलर तक हो सकती है.
बिल्ली की मौत के बाद से राज्य और संघीय अधिकारियों की एक टीम ने आसपास के क्षेत्र में जानवरों को पकड़ने और उनका टीकाकरण करने में दस दिनों की मेहनत की है. साथ ही 18,000 वैक्सीन पैकेट पांच मील के दायरे में भेज दिए गए हैं ताकि उन वन्यजीवों का टीकाकरण किया जा सके जिन्हें वे पकड़ नहीं सकते. अधिकारियों को अगले साल की शुरुआत तक पता चल जाएगा कि कि उनकी मेहनत का फायदा हुआ भी या नहीं.