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5 और 10 रुपये के सिक्कों पर वैष्णो देवी की फोटो से मौलवियों को ऐतराज

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पांच रुपये और 10 रुपये के नए सिक्के जारी किए हैं, जिन पर वैष्णो देवी की फोटो है. आरबीआई के इस कदम पर मौलवियों ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है. आपको बता दें कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सिल्वर जुबली के मौके पर माता वैष्‍णो देवी की तस्‍वीर वाले सिक्‍के जारी किए गए हैं.

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वैष्णोदेवी की फोटो वाला 5 रुपये का सिक्का
वैष्णोदेवी की फोटो वाला 5 रुपये का सिक्का

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पांच रुपये और 10 रुपये के नए सिक्के जारी किए हैं, जिन पर वैष्णो देवी की फोटो है. आरबीआई के इस कदम पर मौलवियों ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है. आपको बता दें कि माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सिल्वर जुबली के मौके पर माता वैष्‍णो देवी की तस्‍वीर वाले सिक्‍के जारी किए गए हैं.

मौलवियों की मानें तो इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर भारतीय सिक्के पर हिंदू देवी की फोटो हो सकती है तो इस पर इस्लाम का चिन्ह सितारे के साथ आधा चंद्रमा की भी तस्वीर हो सकती है.

मोहम्मद अफजल खान नाम के एक व्यापारी ने गुरुवार को ऐसे ही 5 रुपये के 88 सिक्के 500 रुपये में खरीदे. खान ने बताया, 'मुझे लगा ये सारे सिक्के नकली थे लेकिन पता चला ऐसे सिक्के जारी किए गए हैं. हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इस तरह के सिक्कों के जारी होने से अंतर पैदा होता है.'

फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद मुकर्रम अहमद ने कहा, 'ऐसे सिक्कों के इस्तेमाल करने से लोग बचें. हमें दुख पहुंचा है. आज ये एक सिक्का है कल को कुछ भी हो सकता है. लोग इसे मुद्दे की तरह इस्तेमाल कर इससे परेशानियां खड़ी कर सकते हैं. देश की भलाई के लिए ऐसे सिक्कों को बंद कर दिया जाना चाहिए और आरबीआई को भी इसे रद्द करना चाहिए.'

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आरबीआई की प्रवक्ता अल्पना कीलावाला ने बताया, 'सिक्के को डिजायन करने में आरबीआई का कोई हाथ नहीं होता है. ये भारत सरकार द्वारा किया जाता है. हम बस डिस्ट्रीब्यूशन मॉनिटर करते हैं.'

इससे पहले कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान होमी जहांगीर भाभा, संत अल्फांसो, KVIC, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ONGC, लाल बहादुर शास्त्री, दांडी मार्च, स्वामी विवेकानंद, मोतीलाल नेहरू, मदन मोहन मालवीय जैसे कई सिक्के जारी किए गए थे. इसपर खान ने कहा, 'लेकिन इनमें से किसी का भी किसी धर्म से कुछ संबंध नहीं था. वैष्णो देवी शिरिन बोर्ड केवल एक धर्म के लिए है. सरकार को इस तरह के फैसले लेते हुए सतर्क रहना चाहिए.'

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