पाकिस्तान में भीख मांगने से जुड़े मामले अक्सर चर्चा में रहते हैं. कई बार दूसरे देशों ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने पाकिस्तान के भिखारियों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को वापस भेजा था. सोशल मीडिया पर भी ऐसे वीडियो सामने आते रहते हैं, जिनमें पाकिस्तान मूल के लोग भीख मांगते नजर आते हैं.
अब यह समस्या देश के भीतर भी गंभीर रूप लेती दिख रही है. इसी बीच लाहौर से एक मामला सामने आया है, जिसने लोगों को चौंका दिया. लिबर्टी मार्केट इलाके में एक पति-पत्नी के ‘अंधे’ बनकर भीख मांगने का वीडियो वायरल हो गया.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 13 मार्च 2026 की बताई जा रही है. स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने एक दंपति को हिरासत में लिया. लोगों का कहना था कि दोनों अंधे होने का नाटक कर रहे थे और पिछले चार महीनों से उसी इलाके में भीख मांगकर लोगों को धोखा दे रहे थे.
शिकायतों के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. जब दोनों को पकड़ा गया, तो जांच में सामने आया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने काला चश्मा पहनकर और खास अंदाज अपनाकर लोगों की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश की थी.
देखें वायरल वीडियो
पुलिस को ऐसे पता चला
यह दंपति बाजार में आने-जाने वाले लोगों से भीख मांगता था और उनकी दया का फायदा उठाता था. हालांकि, उनके व्यवहार में असामान्यता देखकर स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी.
पुलिस का कहना है कि यह मामला पेशेवर भीख मांगने वालों से जुड़ा हो सकता है. लाहौर में ऐसे फर्जी मामलों के खिलाफ पहले से ही अभियान चलाया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद दोनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए ले जाया गया.
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से असली जरूरतमंदों को नुकसान होता है. वहीं, कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की.
पाकिस्तान में भीख मांगना एक कारोबार
दरअसल, पाकिस्तान में भीख मांगना अब कई जगहों पर एक संगठित गतिविधि का रूप ले चुका है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र से जुड़े लोग सालाना बड़ी रकम जुटाते हैं.
पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने मिडल ईस्ट देशों से भिखारियों के निर्वासन से जुड़ा डेटा साझा किया था. उन्होंने बताया था कि सऊदी अरब ने हजारों पाकिस्तानी भिखारियों को वापस भेजा है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि देश में लाखों लोग इस काम से जुड़े हैं और हर साल अरबों रुपये कमाते हैं, जिससे देश की छवि पर भी असर पड़ रहा है.