अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद जब ईरान ने जवाब में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ड्रोन और मिसाइल दागना शुरू किया तो इन देशों में फंसे कई विदेशी नागरिकों की जान पर बन आई. इनमें हजारों अमेरिकी भी शामिल थे.
ईरान के ऐसे ही हमलों के बीच कतर में फंसे एक दिग्गज अमेरिकी स्पोर्ट्स बिजनेसमैन जॉन टैटम ने उस भयावह मंजर से बच निकलने की अपनी कहानी सुनाई. जब अचानक से शांत और सिक्योर माने जाने वाले कतर में उन्होंने सिर के ऊपर से बम और मिसाइल को नीचे गिरते देखा.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉन टैटम अमेरिका के काफी प्रभावशाली व्यापारियों में से एक हैं. फिर भी जब दोहा के डाउनटाउन में उनके होटल के कमरे के ऊपर बम गिरने लगे - जो कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने से कुछ ही मिनटों की दूरी पर था - तो वह खुद को बुरी तरह से फंसे हुए और असहाय महसूस कर रहे थे.
व्हाइट हाउस में संपर्क और अन्य प्रभावशाली शख्सियतों से जान-पहचान भी काम नहीं आई. ईरान ने जब जवाबी कार्रवाई शुरू कि तो अमेरिकी विदेश विभाग में बैठे अफसर अपने आम नागरिकों को छोड़िए, जॉन टैटम जैसे बड़े कारोबारी का भी कॉल रिसीव नहीं कर रहे थे.
कतर में फंस गए थे अमेरिकी दिग्गज बिजनेसमैन
डलास स्थित मार्केटिंग फर्म जेनेस्को स्पोर्ट्स चलाने वाले टैटम ने पिछले सप्ताह कतर में फंस गए. उन्होंने बताया कि यह वास्तव में भयावह था. जब वह तेल-समृद्ध खाड़ी देश को छोड़कर अमेरिका सुरक्षित लौटने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कतर के होटल में उन्होंने जीवन के सबसे डरावने और निराशाजनक कुछ दिन बिताए. जब उस क्षेत्र में हवाई यातायात ठप हो गया. इस वजह से लगभग 3,000 अमेरिकी नागरिक वहां फंस गए थे.
टैटम ने बताया कि मैं किसी से संपर्क नहीं कर पा रहा था और जब मैंने संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि वे मदद नहीं कर सकते. यह सब पिछले शनिवार की सुबह कतर के समय के अनुसार शुरू हुआ. तब टैटम ने कतर एयरवेज में अपने ग्राहकों के साथ मीटिंग खत्म की थी, जो 2026 फीफा विश्व कप का आधिकारिक वैश्विक एयरलाइन पार्टनर है. तभी टैटम के आईफोन पर कुछ ऐसा बजने लगा जो किसी खतरे की घंटी जैसा लग रहा था.
मीटिंग खत्म होते ही बजने लगी खतरे की घंटी
कतर सरकार की ओर से अरबी और अंग्रेजी में चेतावनी जारी की गई थी कि लोग अपने घरों में ही सुरक्षित रहें. टैटम ने अपना टीवी चालू किया और यह देखकर वह बेहद हैरान रह गया कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने घोषणा की कि हम युद्ध में हैं. तभी सचमुच बम गिरने शुरू हुए. टैटम ने बताया कि बिल्कुल मेरे सिर के ऊपर से बम गिर रहे थे. अमेरिकी सैन्य अड्डे पर दागी गई ईरानी मिसाइलों से धुएं के गुबार उठ रहे थे और धमाके हो रहे थे. कुछ को नुकसान पहुंचाने से पहले ही रोक दिया गया था. टैटम और उनकी टीम ने यह सब अपनी आंखों से देखा.
उन्हें पता था कि उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकलना होगा. लेकिन विदेश विभाग को किए गए कॉल वॉइसमेल पर जा रहे थे. उन्होंने वाशिंगटन डीसी में अपने सभी परिचितों को बेताब होकर मैसेज भेजे. अमेरिकी सरकार में उनके किसी भी संपर्क से उन्हें कोई मदद नहीं मिली.
अचानक से कतर दुनिया का सबसे खतरनाक हिस्सा बन गया
टैटम ने बताया कि ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जवाब दिया काफी देर बाद जवाब दिया - माफ़ कीजिए, हम बहुत व्यस्त थे. टैटम के अनुरोध पर उस अफसर का नाम गुप्त रखा गया है. जैसे ही उड़ानें शुरू हो सकेंगी, हम चार्टर विमानों की व्यवस्था कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल हवाई क्षेत्र बंद है. यह सच है कि टैटम कतर गए थे, जो दुनिया का एक खतरनाक हिस्सा बन गया है. हालांकि, तब उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे एक वास्तविक युद्ध क्षेत्र में जा रहे हैं. यह तो अमेरिकी और इजरायली सेनाओं का एक गुप्त हमला था.
कई घंटों तक अनिश्चितता में रहने और डलास लौटने से पहले युद्ध समाप्त होने तक कई हफ्तों तक इंतजार करने की चिंता के बाद, आखिरकार अच्छी खबर आई. कतर एयरवेज में उनके दोस्तों ने उनके लिए सऊदी अरब के लिए एक चार्टर बस और फ्रैंकफर्ट के लिए एक चार्टर फ्लाइट का इंतजाम कर दिया था. वहां का अधिकांश हवाई क्षेत्र बंद नहीं था. सऊदी अरब से फ्रैंकफर्ट के लिए उड़ान भरने के दौरान टैटम ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में अपनी आपबीती सुनाई. अभी तक वह डलास नहीं पहुंचे हैं.