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21 साल तक पत्नी के शव के साथ रहा पति, 'कभी बातें करता तो कभी साथ सोता..'

Husband Lives With Wife Dead Body: हाल ही में शख्स ने पत्नी के शव का अंतिम संस्कार किया है. रोते-बिलखते पत्नी को 'अंतिम विदाई' देते हुए शख्स की कई तस्वीरें सामने आई हैं. 

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पत्नी के शव के साथ बुजुर्ग (PHOTO: PHET KASEM BANGKOK FOUNDATION/FB) पत्नी के शव के साथ बुजुर्ग (PHOTO: PHET KASEM BANGKOK FOUNDATION/FB)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 72 वर्षीय शख्स को पत्नी से था बेहद प्यार
  • 21 साल तक लाश के साथ रहा
  • बच्चे छोड़ गए घर

एक 72 वर्षीय शख्स अपनी पत्नी के शव के साथ 21 साल तक रहा. वो अपने एक कमरे वाले घर में पत्नी के शव को ताबूत में रखकर रह रहा था. पत्नी की मौत के बाद भी वो उससे अलग नहीं होना चाहता था. ऐसे में उसने पत्नी के शव को घर में ही दफना दिया. 

कई यूजर्स ने पत्नी के प्रति उसके लगाव को 'अमर प्रेम' की संज्ञा दी तो कुछ लोगों ने उसे 'अंतहीन प्यार करने वाला आदमी' बताया है. हाल ही में शख्स ने पत्नी के शव का अंतिम संस्कार किया है. रोते-बिलखते पत्नी को 'अंतिम विदाई' देते हुए शख्स की कई तस्वीरें सामने आई हैं. 

The Straits Times की रिपोर्ट के मुताबिक, 72 साल के इस शख्स का नाम Charn Janwatchakal है और वो थाईलैंड के Bang Khen जिले का रहने वाले हैं. थाई सेना में डॉक्टर रहे Charn अपनी पत्नी से बेइंतहा मोहब्बत करते थे. ऐसे में जब पत्नी की मौत हुई तो उन्होंने उसके शव को कब्रिस्तान में दफनाने के बजाय घर में ही दफना दिया. पत्नी की मौत एक बीमारी से हुई थी. 

पत्नी के शव के साथ पति

इस घटना के बाद Charn के दो बेटे घर छोड़कर चले गए. लेकिन Charn Janwatchakal को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने शव को घर में ही दफनाए रखा. वो कभी शव के पास जाकर बातें करते तो कभी उसके साथ ही सो जाते.

लेकिन, 21 साल बाद पिछले महीने (29 अप्रैल) Charn ने पत्नी का अंतिम संस्कार करने के फैसला किया. इसके लिए उन्होंने एक संस्था से संपर्क किया. संस्था की मदद से उनकी पत्नी के शव के अवशेषों को ताबूत से बाहर निकाला गया और विधि-विधान से आखिरी बार विदाई दी गई.  

सोमवार को एक स्थानीय वकील Nitithorn Kaewto ने उनसे संपर्क किया और उनका इंटरव्यू लिया. वकील ने बताया कि बुजुर्ग शख्स काफी पढे-लिखे है और उनके पास कई डिग्रियां हैं. लेकिन पत्नी की मृत्यु के बाद वो बेहद साधारण जीवन व्यतीत कर रहे हैं. उनके घर में ना तो लाइट है और ना ही ढंग का बिस्तर. हालांकि, पत्नी का अंतिम संस्कार करने के बाद उन्हें कई सारी सुविधाएं मुहैया कराई गईं हैं. 

वकील ने कहा कि बुजुर्ग ने इस डर से पत्नी के शव का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है कि क्योंकि उन्हें डर था कि उनकी मृत्यु के बाद कोई उन्हें उचित सम्मान नहीं देगा. 

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