लकड़बग्घे, तेंदुए या यहां तक कि शेरों को भूल जाइए. किसी भी एक्सपर्ट से पूछिए और वे इस बात की पुष्टि करेंगे कि अफ्रीका में सबसे खतरनाक स्तनधारी हिप्पो हैं. देखने में भले ही दरियाई घोड़े प्यारे और मिलनसार लगें, लेकिन वे अपने इलाके को लेकर बेहद संवेदनशील होते हैं और अक्सर हिंसक हो जाते हैं. जीव जगत में हिप्पो का काटना सबसे शक्तिशाली होता है और वे पानी में मनुष्यों से भी तेज तैर सकते हैं और जमीन पर उनसे भी ज्यादा तेज दौड़ सकते हैं. हम यहां एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जो दरियाई घोड़े के जबड़े से बच निकला, लेकिन इसकी कीमत उसे अपना एक हाथ गंवाकर चुकानी पड़ी.
जाम्बिया और जिम्बावे की सीमा पर जाम्बेजी नदी के पास विक्टोरिया फॉल है. इसमें एक दरियाई घोड़े (हिप्पो ) ने एक टूर गाइड पर हमला किया और उसे पूरा निगल लिया. शख्स की किस्मत अच्छी थी कि वह मौत को मात देकर हिप्पो के जबड़े से किसी तरह निकलने में कामयाब रहा. इस हादसे में उसका एक हाथ चला गया और शरीर बुरी तरह से घायल हो गया था. उसने जो कहानी बताई वो दिल दहला देने वाली है, चलिए जानते हैं कि दो टन वजनी दरियाई घोड़े के मुंह में जाकर भी वह कैसे बच निकला.
डेली स्टारा की रिपोर्ट के मुताबिक, जाम्बेजी नदी के टूर गाइड पॉल टेम्प्लर ने बताया कि कैसे टूरिस्ट के एक ग्रुप को विक्टोरिया फॉल्स दिखाने के दौरान एक दरियाई घोड़े ने उस पर हमला कर दिया था. महज 27 साल की उम्र में, टेम्प्लर एक अनुभवी गाइड थे और उन्होंने अपने पास आते हुए विशालकाय हिप्पो को देख लिया था. पॉल ने बताया कि जिस दरियाई घोड़े ने मुझे मारने की कोशिश की, वह कोई अजनबी नहीं था. मैंने उससे बचना सीख लिया था. दरियाई घोड़े अपने इलाके को लेकर बहुत सचेत रहते हैं और मुझे पता था कि किस समय उसके कहां होने की सबसे अधिक संभावना है.
मेरा पूरा शरीर हिप्पो के जबड़े में था...
पॉल ने बताया कि दरियाई घोड़ा बिना किसी चेतावनी के और काफी तेज गति से हमला करने के लिए मुझपर दौड़ा. मैंने पीछे से जो जोरदार धक्का महसूस किया. एक अन्य गाइड, इवांस, दो टन के उस विशालकाय जीव के पानी से बाहर निकलते ही अपनी कश्ती से गिर गया. पॉल ने तुरंत दूसरों को पास की चट्टानों की ओर जाने के लिए कहा और फिर मदद के लिए वापस मुड़ गया.
जैसे ही उसने इवांस का हाथ पकड़ने की कोशिश में हाथ बढ़ाया, उसके बाद सब कुछ एकदम अंधेरा हो गया, जैसा कि वह बताता है. पॉल ने कहा कि ऐसा लगा जैसे मैं अचानक अंधा और बहरा हो गया हूं. उसे तुरंत समझ आ गया कि क्या हुआ है. उसके पैर तो पानी में डूबे रहे, लेकिन उसका धड़ किसी जकड़ने वाली और दुर्गंधयुक्त चीज़ में जकड़ा हुआ महसूस हुआ.
'अंदर सड़े अंडे की बदबू आ रही थी'
सड़े हुए अंडों जैसी भयानक, बदबू आ रही थी. पॉल ने कहा कि मैंने किसी तरह अपना एक हाथ छुड़ाया और टटोलने लगा, मेरी हथेली दरियाई घोड़े की थूथन के सख्त बालों से होकर गुजरी. पॉल ने खुद को उस जानवर के जबड़ों के बीच कमर तक डूबा हुआ पाया. एक पल के लिए जब दरियाई घोड़े ने अपना मुंह खोला, तो वह खुद को छुड़ाने में सफल रहा, लेकिन तभी उस हिप्पो ने एक बार फिर उस पर हमला किया और उसे वापस पानी के नीचे खींच लिया.
उन्होंने कहा कि मैंने कभी किसी दरियाई घोड़े को इस तरह बार-बार हमला करते नहीं सुना था. लेकिन वह साफ तौर पर मुझे मारना चाहता था. दरियाई घोड़े ने कुछ क्षणों तक उस पर हमला किया और अपने विशाल जबड़े से उसकी छाती को घायल कर दिया. डॉक्टरों ने बाद में उसके शरीर पर लगभग 40 काटने के निशान पाए.
कुछ देर के लिए हिप्पो ने मुझे मुंह से निकाला और जान बची
पॉल ने बतााय कि ऐसा लग रहा था मानो बैल अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर रहा हो. मुझे हवा में उछाल रहा था और फिर पकड़ रहा था. मुझे ऐसे झटक रहा था जैसे किसी कुत्ते को गुड़िया से झटकता है. एक क्षण में, पानी के नीचे सब कुछ स्थिर हो गया. मुझे याद है कि मैं दस फीट गहरे पानी के ऊपर से सतह पर खेलती हरी और पीली रोशनी को देख रहा था. मेरे शरीर से खून बादलों की तरह उमड़ रहा था और निराशा की भावना मुझ पर हावी हो गई.
अंततः, दरियाई घोड़ा तेजी से सतह पर वापस आया और मुझे बाहर थूक दिया. एक अन्य गाइड मुझ तक पहुंचने और मुझे सुरक्षित स्थान पर खींचने में सफल रहा.सौभाग्य से पॉल की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई थीं. उसका बायां हाथ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और उसकी छाती इतनी बुरी तरह से फट गई थी कि उसका फेफड़ा बाहर निकल आया था.
संयोगवश, एक मेडिकल टीम आसपास ही मौजूद थी और उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचने तक जीवित रखने में मदद की. सर्जनों ने पॉल को आगाह किया कि उन्हें दोनों हाथ और एक पैर का कुछ हिस्सा काटना पड़ सकता है. अंततः, उन्होंने अपना बायां हाथ खो दिया लेकिन बच गए. दुर्भाग्यवश, उनके साथी गाइड इवांस इतने भाग्यशाली नहीं थे. उनका शव दो दिन बाद नदी के निचले हिस्से में मिला.