scorecardresearch
 

बच्चे खेल रहे डॉल के अंतिम संस्कार का खेल, दिल छू लेगी इस वायरल वीडियो की स्टोरी

इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें कुछ मासूम बच्चे गुड़िया के साथ खेलते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में दावा किया गया है कि ये गाजा का वीडियो है, जिसमें बच्चे गुड़िया का अंतिम संस्कार करते दिखाई दे रहे हैं.

Advertisement
X
गाजा के बच्चे  खेल-खेल में  गुड़िया का अंतिम संस्कार करते दिखे (Photo - X/@IkaFerrerGotic)
गाजा के बच्चे खेल-खेल में गुड़िया का अंतिम संस्कार करते दिखे (Photo - X/@IkaFerrerGotic)

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें छोटे-छोटे कुछ बच्चे एक गुड़िया को किसी शव की तरह कंधे पर उठाकर उसे दफानाने की एक्टिविटी करने का खेल खेलते दिखाई दे रहे हैं.सभी बच्चों के चेहरे पर मुस्कान है. वीडियो भी कुछ खास नहीं है, लेकिन इसकी कहानी का मर्म दिल छू लेने वाला है. क्योंकि, बच्चे अपने खेल में उन घटनाओं को ही शामिल करते हैं, जिससे उनका वास्ता हर रोज होता है. यह वीडियो गाजा का बताया जा रहा है. 

गाजा  ने एक लंबे और विनाशकारी युद्ध का बोझ सहा है और वहां के बच्चे भी इस संकट की चपेट में आ गए. जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ता गया, नागरिकों की मौत रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  X पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखाया गया है कि छोटे बच्चे भी ऐसे दृश्यों से घिरे हुए हैं और उन घटनाओं को देखते हुए बड़े हो रहे हैं जिन चीजों को छोटी उम्र के किसी भी बच्चे को कभी नहीं देखना चाहिए.

इस वीडियो में एक अंतिम संस्कार का जुलूस शुरू होता है, लेकिन इसमें कोई भी बड़े या बुजुर्ग लोग नहीं, बल्कि सभी छोटे-छोटे बच्चे शामिल हैं. वे एक गुड़िया को स्ट्रेचर जैसी किसी छोटी सी चीज पर साथ लेकर चलते हैं, उसे ऐसे सावधानी से उठाते हैं मानो वह असली हो और धीरे-धीरे, नपे-तुले कदमों से आगे बढ़ते हैं. ये बच्चे, जिन्हें आम खेल खेलने में रुचि लेनी चाहिए. इसके बजाय एक ऐसे अंतिम संस्कार का दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जिससे बच्चों का दूर-दूर तक वास्ता नहीं होना चाहिए. ऐसे में वो इस खेल के जरिए अंतिम संस्कार की सभी गतिविधियों को बहुत अच्छी तरह समझते और उसे प्रस्तुत करते दिखाई दे रहे हैं. 

Advertisement

एक बच्चा गुड़िया को एक तरफ से पकड़े हुए है, दूसरा उसे दूसरी तरफ से सहारा दे रहा है, और वे एक साथ चल रहे हैं. कुछ बच्चे चुपचाप उनके पीछे-पीछे चल रहे हैं और देख रहे हैं. उनके हाव-भाव सधे हुए लगते हैं. उनके इस खेल देखकर ऐसा लगता है कि उन्होंने  अपने आस-पास के माहौल से इसे सीख है और बहुत ही गहराई से इन घटनाओं से जुड़े रहे हैं.  गाजा में, मृतकों को ले जाने का काम भी इतना आम हो गया है कि इसे अब बच्चे खेल-खेल में दोहराने लगे हैं. उनकी चाल में एक ऐसी स्थिरता है जो उनकी उम्र के अनुरूप नहीं है. उस शांत जुलूस में, उनमें से कुछ धीरे से मुस्कुराते हैं, मानो उस पल की गंभीरता से अनभिज्ञ हों. इस वीडियो ने ऑनलाइन लोगों के दिलों को छू लिया है. 

आ रहे ऐसे रिएक्शंस
एक यूजर ने लिखा कि ये लोग तो हर दिन यही सब देखते हैं. एम्बुलेंस और स्ट्रेचर पर लोगों को अस्पतालों में लाते-ले जाते हैं. उन्होंने बच्चों के इस कृत्य के पीछे की सच्चाई की ओर इशारा किया. दूसरे यूजर ने कहा कि नहीं, यह वाकई बहुत दुखद है, सोचो इन बच्चों ने क्या-क्या देखा होगा. वहीं एक अन्य ने लिखा कि  मैं रो पड़ा. ये  दुनिया के सबसे वंचित बच्चे हैं. कुछ लोगों के लिए इस वीडियो में एक गहरी अपील भी छिपी थी.

Advertisement

गाजा में बच्चों को कोई राहत नहीं
गाजा में सैकड़ों बच्चों के लिए, खेल उनके आसपास जो कुछ भी वे देखते हैं उसे समझने का एक तरीका बन गया है - अपने अनुभवों को ऐसी चीज में बदलना जिसे वे व्यक्त कर सकें, भले ही वे इसे पूरी तरह से न समझते हों. इस वास्तविकता की  भयावहता काफी खतरनाक है.  स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2023 में युद्ध शुरू होने के बाद से 72,000 से अधिक फिलिस्तीनी गाजा में मारे जा चुके हैं.

इस युद्ध में सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को उठाना पड़ा है. सहायता समूह 'सेव द चिल्ड्रन' का कहना है कि युद्ध के दौरान औसतन हर घंटे कम से कम एक फिलिस्तीनी बच्चे की जान गई है और अब तक मरने वाले बच्चों की संख्या 20,000 से अधिक हो चुकी है. गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार भी यह संख्या 20,000 से अधिक है, जो कि क्षेत्र की कुल बाल आबादी का लगभग 2 प्रतिशत है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement