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ओलंपिक की तैयारी करे या फिर खटमलों से निपटे... France के सामने चुनौती अनोखी है? 

फ़्रांस खटमलों की समस्या से जूझ रहा है, सरकार ने चेतावनी दी है कि उसे पेरिस में होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले इन कीटों से हर हाल में छुटकारा पाना होगा. रिपोर्टों पर यकीन करें तो, पेरिस खटमलों के इस आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित है.

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पूरा फ्रांस खटमलों के आतंक से बुरी तरह प्रभावित है
पूरा फ्रांस खटमलों के आतंक से बुरी तरह प्रभावित है

विश्व के तमाम मुल्कों की तरह France के सामने भी चुनौतियों का पहाड़ है. 2024 में फ़्रांस Olympic Games की मेजबानी कर रहा है. लेकिन जो ऊर्जा उसे इस बेशकीमती इवेंट को यादगार बनाने के लिए खर्च करनी चाहिए वो मीटिंग और प्लानिंग में खर्च हो रही है. जी हां सही सुना आपने. फ़्रांस की परेशानी की वजह, न तो कोई दुश्मन मुल्क है. न ही कोई बिगड़ा घुसपैठिया. मुल्क की चिंता का कारण है 'खटमलों' का आतंक. सरकार के सामने बड़ा सवाल ये है कि खटमलों ने अगर अन्य देशों से आए खिलाड़ियों को अपने राडार पर ले लिया तो क्या होगा? 

दरअसल  फ़्रांस खटमलों की समस्या से जूझ रहा है, सरकार ने चेतावनी दी है कि उसे पेरिस में होने वाले ओलंपिक खेलों से पहले इन कीटों से हर हाल में छुटकारा पाना होगा. रिपोर्टों पर यकीन करें तो, पेरिस खटमलों के इस आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित है. जैसे हालात हैं, पिछले कुछ वर्षों में खटमल पूरे फ़्रांस के लिए एक राष्ट्रीय समस्या बन गए हैं. चाहे वो घर और अस्पताल हों या सिनेमाघर और ट्रेनें हर जगह खटमल हैं. 

खटमलों की बढ़ती आबादी ने फ़्रांस में परिवहन मंत्री के भी कान खड़े कर दिए हैं. जिन्होंने अब ये ठान लिया है कि, चाहे कुछ भी हो जाए वो अब हर हाल में यात्रियों को सुरक्षा मुहैया कराएंगे. परिवहन मंत्री क्लेमेंट ब्यून ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट X पर ट्वीट किया और कई जरूरी बातें की हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि इस खतरे से निपटने के लिए ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को जागरूक भी किया जाएगा.

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ध्यान रहे परिवहन मंत्री का ये X पोस्ट उस पत्र के बाद आया है जिसे पेरिस के पहले डिप्टी मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे द्वारा लिखा गया था. पत्र में ग्रेगोइरे ने प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्न से 'संकट; पर कार्रवाई करने का आह्वान किया था. चूंकि खटमल इस समय पूरे फ़्रांस के लिए एक  सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गए हैं तमाम लोग इसी बात को दोहरा रहे हैं कि किसी भी हाल में इनका खात्मा किया जाना चाहिए.

तमाम राजनेताओं का मामले पर तर्क यही है कि चूंकि फ्रांस 2024 में ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है इसलिए राज्य को इस संकट से निपटने के लिए उपयुक्त कार्य योजना बनाने के लिए तत्काल सभी संबंधित पक्षों को एक साथ लाना चाहिए.

राजधानी पेरिस में खटमलों की समस्या सरकार के सामने कितनी बड़ी चुनौती है? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब खटमलों के खिलाफ उपचार को बीमा में कवर किये जाने की बात भी हो रही है. ध्यान रहे सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम पोस्ट आ रहे हैं जिनमें लोग बता रहे हैं कि अस्पताल और सिनेमाघरों तक में उन्हें खटमलों द्वारा काटा जा रहा है. 

बताते चलें कि अभी बीत दिनों ही यूजीसी सिनेमाज ने एक Xपोस्ट के बाद अपने ग्राहकों से माफ़ी मांगी थी और कहा था कि वो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इमरजेंसी प्रक्रिया लागू करने वाली है. बहरहाल इस मामले में जो तर्क फ़्रांस के ऊर्जा संक्रमण मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर दिए हैं वो किसी को पच नहीं रहे हैं. मंत्रालय ने खटमलों की बढ़ती हुई आबादी के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा और कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोध को जिम्मेदार ठहराया है.

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