लोग प्री-वेंडिंग फोटोशूट को हटकर बनाने के लिए अब किसी भी हद तक जा रहे हैं. फिर चाहे उनके ऐसा करने से किसी को नुकसान भी हो, वो इस बात की भी परवाह नहीं कर रहे. ऐसा ही कुछ एक सरकारी अस्पताल में देखने को मिला. यहां कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले एक डॉक्टर ने अपनी मंगेतर के साथ प्री-वेडिंग फोटोशूट कराया है. मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले का है. ये फोटोशूट ऑपरेशन थियेटर के भीतर किया गया है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. लोग इसकी खूब आलोचना कर रहे हैं.
वीडियो देख लोग हैरत में हैं. सरकार को भी इन लोगों पर एक्शन लेना पड़ा है. वीडियो में दिखाई दे रहे शख्स की पहचान डॉक्टर अभिषेक के तौर पर हुई है. वो मरीज की सर्जरी करता दिख रहा है. आसपास खड़े कैमरा पर्सन और टेक्नीशियन इस दौरान हंसने लगते हैं. इस फोटोशूट की थीम 'मेडिकल' थी. फर्जी सर्जरी के बाद मरीज भी बैठकर हंसने लगता है. वीडियो को देख उसकी आलोचना होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने डॉ. अभिषेक को तत्काल बर्खास्त करने का आदेश दिया.
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 'सरकारी अस्पताल जनता की सेवा के लिए हैं, निजी काम के लिए नहीं' और वो इस तरह की 'अनुशासनहीनता' को बर्दाश्त नहीं करेंगे. मंत्री ने एक ट्वीट में लिखा, 'चित्रदुर्ग के भारमसागर सरकारी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में प्री-वेडिंग शूट करने वाले डॉक्टर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. सरकारी अस्पताल लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए हैं, न कि निजी काम के लिए. मैं डॉक्टरों की ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं कर सकता.'
उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों और कर्मचारियों सहित सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सरकारी सेवा नियमों के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए. सरकारी अस्पतालों में इस तरह का दुर्व्यवहार न हो, इसके लिए मैंने पहले ही संबंधित डॉक्टरों और सभी कर्मचारियों को सावधान रहने के निर्देश दे दिए हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'सभी को अपनी ड्यूटी पर ध्यान देना चाहिए, ये जानते हुए कि सरकार की तरफ से सरकारी अस्पतालों को उपलपब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं आम लोगों के लिए हैं.'