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AI वेटर हो रहा वायरल... जो जीभ-चेहरा देखकर बताएगा- आपको क्या खाना चाहिए?

चीन का AI रोबोट रेस्टोरेंट ग्राहकों के चेहरे और जीभ का विश्लेषण करके उनके लिए खाना सजेस्ट कर रहा है. रोबोटिक 'कर्मचारियों' ने रेस्टोरेंट के मानव कर्मचारियों का वर्कफोर्स 60 प्रतिशत तक कम कर दिया है. साथ ही कस्टमर्स के लिए व्यंजनों की लागत में भी कटौती की है.

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रेस्टोरेंट में एआई रोबोट कस्टमर को स्कैन कर उनके जरूरत के हिसाब से बनाएगा खाना (Photo - Pexels)
रेस्टोरेंट में एआई रोबोट कस्टमर को स्कैन कर उनके जरूरत के हिसाब से बनाएगा खाना (Photo - Pexels)

पूर्वी चीन के कई रेस्टोरेंट कॉस्ट कटिंग के लिए और 100 से अधिक डिश पकाने के लिए AI रोबोट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे सोशल मीडिया पर गरमागरम बहस छिड़ गई है.झेजियांग टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, झेजियांग प्रांत के हांगझोऊ में कम से कम तीन ऐसे रेस्टोरेंट महीनों से चल रहे हैं.

इनमें से एक, शिहू जिले में स्थित 24 जिएकी रोबोट रेस्टोरेंट, आठ रोबोटों का इस्तेमाल करता है. ये रोबोट ऑर्डर लेने, खाना परोसने, सफाई करने और खाना पकाने का काम संभालते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन रोबोटों ने रसोई कर्मचारियों के कुल कार्यभार का 60 प्रतिशत हिस्सा साझा किया है.

चेहरे और जीभ को स्कैन कर सजेस्ट करते हैं फूड
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक,कस्टमर के ऑर्डर देने से पहले, रोबोट उनके चेहरे और जीभ को स्कैन करके और उनसे कुछ सरल सवाल करते हैं. इनका जवाब देने के बाद इसका 'एआई विश्लेषण' किया जाता है.

इसके बाद रोबोट ग्राहक की लाइफस्टाइल, भावनाओं और डायजेस्टिव सिस्टम की स्थिति के बारे में एक रिपोर्ट तैयार करते हैं और फिर मौसम के अनुसार कस्टमर के लिए हेल्दी फूड सजेस्ट करते हैं. 

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रेस्टोरेंट के मैनेजर काई हैतांग के अनुसार, ये रोबोट 100 से अधिक व्यंजन बना सकते हैं. इनमें थ्री कप चिकन भी शामिल है, जो तीन कप मुख्य मसालों के साथ पकाया गया चिकन स्टू है. साथ ही क्रैब रो टोफू और ब्रेज्ड पोर्क ट्रॉटर्स भी शामिल हैं.

कुछ रोबोट हांग्जो की एक खास तरह की सूप नूडल डिश पियान एर चुआन बनाने में भी माहिर हैं. इसमें  प्रिजर्व्ड  सब्जियां, कटा हुआ सूअर का मांस और बांस के अंकुर डाले जाते हैं. 

खाना पकाने वाले रोबोट विकसित करने वाले इंजीनियर झू क्यूई ने कहा कि ये रोबोट मानव रसोइयों द्वारा किए गए काम से स्टोव की आग की सेटिंग्स पर डेटा कलेक्ट करते हैं और तलने और बर्तन को घुमाने के लिए रसोइयों की गतिविधियों की नकल करते हैं.

गोंगशु जिले के मदयुनहे कम्युनिटी कैंटीन में शेफ के रूप में काम करने वाले डेंग ज़ुहुई ने कहा कि पहले उन्हें व्यस्त समय के दौरान हर दिन दर्जनों रेसिपी पकाने पड़ते थे. लेकिन जब से उन्होंने रोबोट का इस्तेमाल शुरू किया है, उनका काम मुख्य रूप से दो मशीनों को संचालित करना है.

शेफ ने कहा कि इससे मेरी आधी ऊर्जा बच जाती है. इसलिए मैं कच्चे माल की गुणवत्ता की जांच करने, नए व्यंजन बनाने और रसोई का प्रबंधन करने पर ध्यान केंद्रित कर सकता हूं. इस कैंटीन में अक्सर आने वाले 70 साल के एक कस्टमर और उनकी पत्नी यह देखकर हैरान रह गए कि उनका खाना रोबोट द्वारा पकाया जाता है.

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खाने के स्वाद में कोई अंतर नहीं होता
एक कस्टमर ने कहा कि इन फूड आयटम का स्वाद इंसानों द्वारा बनाए गए खाने से बिल्कुल अलग नहीं है. ये नमकीन या तैलीय नहीं हैं. ये बिल्कुल वही हैं जो हमें पसंद हैं.उन्होंने आगे कहा कि रोबोट के इस्तेमाल के बाद रेस्टोरेंट में खाना सस्ता हो गया है.

युहांग जिले के हैशु कम्युनिटी कैंटीन में, जहां दो रोबोट का इस्तेमाल होता है. ग्राहकों ने बताया कि वे आमतौर पर प्रति भोजन 18 से 20 युआन (2.6 अमेरिकी डॉलर और 3 अमेरिकी डॉलर) खर्च करते थे, लेकिन अब यह घटकर 15 से 18 युआन के बीच हो गया है.

हांगझोऊ के रेस्तरां चीन में इस तकनीक का उपयोग करने वाले इकलौते रेस्तरां नहीं हैं. पिछले साल, शंघाई के एक तकनीकी स्कूल ने अपनी कैंटीन को रोबोटों की मदद से अपडेट किया, जिससे रसोई के अधिकांश कार्यभार का प्रबंधन रोबोटों द्वारा किया जाने लगा.

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