सोशल मीडिया पर कब क्या वायरल हो जाए, कहना मुश्किल है. इस बार बेंगलुरु से सामने आया एक साधारण-सा ट्रैफिक स्टॉप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया. इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया यह वीडियो 1.7 मिलियन से ज्यादा व्यू बटोर चुका है. आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है.
बेंगलुरु शहर में रहने वाली ऋतु चतुर्वेदी के साथ यह घटना हुई. वीडियो में वह धीमी रफ्तार से चल रही ट्रैफिक के बीच बाइक चलाती नजर आती हैं. तभी एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी उन्हें रुकने का इशारा करता है. ऋतु बिना किसी बहस के सड़क किनारे अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर देती हैं.
वीडियो के मुताबिक, अधिकारी उनसे हेलमेट का वाइज़र उठाने के लिए कहते हैं. जैसे ही वह वाइज़र ऊपर करती हैं, अधिकारी कहते हैं, 'लेडीज है,' और बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के उन्हें जाने देते हैं. बस यही छोटा-सा मोमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
देखें वायरल वीडियो
वीडियो के अंत में ऋतु कहती हैं कि एक महिला राइडर के तौर पर ऐसा सम्मानजनक व्यवहार उन्हें खुशी देता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पुरुष ट्रैफिक अधिकारी महिला राइडर्स को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या रूटीन चेक के लिए रोक सकते हैं, जिसमें ब्रेथ एनालाइज़र टेस्ट भी शामिल है. हालांकि, कुछ प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होता है और शारीरिक जांच या विस्तृत तलाशी जैसी स्थितियों में महिला अधिकारी की मौजूदगी आवश्यक मानी जाती है.
यह क्लिप अब तक 17 लाख से अधिक बार देखी जा चुकी है. वायरल होने की वजह ये है कि जैसे ही महिला बाइकर ने हेलमेट का वाइजर उठाया, पुलिसकर्मी ने कहा, 'लेडीज है,' और बिना ज्यादा पूछताछ के जाने दिया. यही छोटा-सा मोमेंट लोगों का ध्यान खींच गया.अक्सर ट्रैफिक चेक के वीडियो बहस या विवाद के कारण वायरल होते हैं. लेकिन यहां शांत और सम्मानजनक बातचीत दिखी, जो लोगों को अलग लगी
कमेंट सेक्शन में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे 'महिला होने का प्रिविलेज' बताया, तो कुछ का कहना था कि अगर कोई पुरुष होता तो शायद उससे ज्यादा पूछताछ की जाती.
बता दें कि यह वीडियो 31 दिसंबर को अपलोड किया गया था. ऋतु चतुर्वेदी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल से पता चलता है कि वह एक बाइकर हैं और ट्रैवलिंग से जुड़े वीडियो नियमित रूप से साझा करती रहती हैं.