बेंगलुरु के एक टेक्निकल एक्सपर्ट ने दावा किया है कि उनके द्वारा बनाए गए एक मज़ेदार AI बुफे ऐप के वायरल होने के बाद उन्हें ऑनलाइन जान से मारने की धमकियां मिलने लगी हैं. उनका कहना है कि कुछ धमकियां सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी निशाना बना रही हैं. बेंगलुरु के रहने वाले पंकज नाम के इस टेक्नीशियन ने बताया कि यह ऐप उन्होंने सिर्फ एक हल्के-फुल्के वीकेंड प्रोजेक्ट के तौर पर बनाया था. AI की मदद से बना यह वेडिंग बुफे प्लानिंग ऐप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो गया. लोगों को यह आइडिया मज़ेदार लगा और इस पर मीम्स और मजाकिया पोस्ट बनने लगे.
'मेरे परिवार के बारे में गंदी बातें लिख रहे लोग'
लेकिन जैसे-जैसे ऐप को ज्यादा पहचान मिली, वैसे-वैसे विरोध और नफरत भी बढ़ती चली गई. जो चीज एक मज़ाक के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब पंकज के लिए चिंता का कारण बन गई है. पंकज ने एक पोस्ट में लिखा,- यार, मुझे एक बुफे ऐप बनाने के लिए जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. मैं तो बस मजे के लिए बेकार से प्रोजेक्ट बनाता हूं. उन्होंने आगे लिखा- मैं कोई कैंसर का इलाज नहीं कर रहा हूं. मेरे दिमाग में एक मज़ेदार आइडिया आया, मैंने उसे बनाया और X पर शेयर कर दिया. वह वायरल हो गया.अब लोग मुझे मैसेज भेज रहे हैं—‘काश तुम मर जाओ’, ‘अगर तुम्हें देखा तो मार डालूंगा’ और मेरे परिवार के बारे में गंदी बातें लिख रहे हैं.”

'दर्जनों लोग दे रहे धमकियां'
पंकज का कहना है कि ये धमकियां एक-दो लोगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दर्जनों लोग ऐसे मैसेज भेज रहे हैं. जब लोगों ने उनसे पूछा कि एक मज़ाकिया ऐप पर इतना गुस्सा क्यों हो रहा है, तो पंकज ने बताया कि कुछ लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं कि उनके AI साइड प्रोजेक्ट्स पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. अपनी बात साबित करने के लिए उन्होंने कई आपत्तिजनक मैसेज के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें गालियां, हिंसा की धमकियां और निजी टिप्पणियां शामिल थीं.
'ट्रोलिंग तो इंटरनेट पर आम बात है'
पंकज ने साफ कहा कि ट्रोलिंग तो इंटरनेट पर आम बात है, लेकिन जान से मारने की धमकी बिल्कुल गलत है. उन्होंने लिखा, “मुझे जितना चाहो ट्रोल करो, लेकिन जान से मारने की धमकी? तुम्हें नहीं पता कि सामने वाला किस हालात से गुजर रहा है. यह बिल्कुल ठीक नहीं है.” पंकज ने बताया कि उन्होंने BuffetGPT नाम का एक AI टूल बनाया है, जो बुफे में रखे खाने को स्कैन करके व्यक्ति के लिए सही खाने की योजना बनाता है. यह टूल कंप्यूटर विज़न की मदद से हर डिश को पहचानता है और बताता है कि क्या खाना चाहिए, क्या नहीं और कितनी मात्रा में.
इस घटना के बाद इंटरनेट पर ट्रोलिंग, जरूरत से ज्यादा गुस्सा और ऑनलाइन दुर्व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है. एक साधारण और मज़ेदार ऐप से शुरू हुई यह कहानी अब एक बड़े सवाल की ओर इशारा कर रही है.