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मुबारक के मुकदमे के फैसले से बंट सकता है मिस्र

होस्नी मुबारक पर चल रहे मुकदमे का आने वाला फैसला उन्हें दोषी ठहराए या नहीं, दोनों ही सूरतों में मिस्र में ध्रुवीकरण गहरा सकता है.

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होस्नी मुबारक
होस्नी मुबारक

होस्नी मुबारक पर चल रहे मुकदमे का आने वाला फैसला उन्हें दोषी ठहराए या नहीं, दोनों ही सूरतों में मिस्र में ध्रुवीकरण गहरा सकता है.

मिस्र में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ में पहले ही राजनैतिक तनाव बहुत बढ़ा हुआ है. इस दौड़ में मुबारक के पूर्व प्रधानमंत्री एक इस्लामिक राजनेता के सामने हैं.

84 वर्षीय मुबारक ऐसे पहले अरबी नेता हैं जिन पर उनके अपनी जनता द्वारा मुकदमा चलाया जा रहा है.

मुबारक पर 900 लोगों की हत्याओं में भागीदारी के आरोप हैं. ये हत्याएं पिछले साल तब की गईं थीं जब मिस्र के लोगों ने उनके खिलाफ बगावत कर दी थी. इसके बाद मुबारक को सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

दोषी करार दिए जाने पर मुबारक को मौत की सजा सुनाई जा सकती है. इन हत्याओं के अलावा उनपर अपने दो बेटों गमाल और अला और एक पारिवारिक मित्र के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने के भी आरोप हैं. यह पारिवारिक मित्र फिलहाल फरार है.

मुबारक के शासन के मुखर आलोचक के रूप में देश भर में प्रसिद्ध जॉर्ज इस्हाक कहते हैं, ‘हम बहुत बेचैनी से फैसले का इंतजार कर रहे हैं. एक सही फैसला भारी प्रतिक्रियाएं लेकर आएगा.’

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मुबारक पर चल रहे मुकदमे पर पूरे देश की नजर है. इस मुकदमे के चलते ही परिवर्तन से गुजर रहे मिस्त्र में इस बात को लेकर भी तनाव है कि शासन कर रहे फौजी जनरलों से सत्ता किसके पास जाएगी?

कुछ लोगों का तो यह भी मानना है कि ये चुनाव विद्रोहियों को चुप कराने के लिए किया जा रहा दिखावा मात्र है. विद्रोहियों की ही मांग थी कि मुबारक से उनके कार्यों के बारे में जवाब मांगा जाए.

अस्पताल में लोहे की सलाखों और कंटीली तारों के बीच मुबारक की तस्वीरों को मिस्रवासी इस तानाशाह के निरंकुश और शोषक शासन पर अपनी विजय का प्रतीक मानते हैं. मुबारक ने लगभग 30 साल तक मिस्र पर शासन किया.

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