मुंबई के वानखेडे़ स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया टेस्ट मैच ड्रा हो गया. इसके साथ भारत ने टेस्ट सीरीज पर 2-0 से कब्जा कर लिया.
भारतीय टीम को जीत के लिए 243 रन बनाने थे लेकिन दिन की समाप्ति तक वह नौ विकेट के नुकसान पर 242 रन ही बना सकी.
भारतीय टीम ने दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेला गया पहला टेस्ट मैच पांच विकेट से अपने नाम किया था जबकि कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में उसने पारी और 15 रनों से जीत हासिल की थी.
तीसरे टेस्ट के पांचवें दिन वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 134 रनों पर समेटने के बाद भारत को जीत के लिए 243 रनों का लक्ष्य मिला. यह लक्ष्य हालांकि उसके लिए आसान नहीं रहा.
दूसरी पारी में भारत की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही. गौतम गंभीर महज 12 रन के निजी योग पर पवेलियन लौट गए.
भारत को दूसरा झटका वीरेंद्र सहवाग के रूप में लगा. सहवाग ने 65 गेंदों में धुआंधार 60 रन बटोरे. सहवाग ने 7 चौकों की मदद से अर्द्धशतक पूरा किया. दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर का बल्ला नहीं चल सका. सचिन महज 3 रन बनाकर सैमुअल्स की गेंद पर एडवर्ड्स को कैच थमा बैठे.
राहुल द्रविड़ ने 33 रन का योगदान किया. लक्ष्मण 31 रन बनाकर रामपॉल की गेंद पर विकेट दे बैठे.इससे पहले वेस्टइंडीज की दूसरी पारी 134 रन पर सिमट गई.
मैच के पांचवें दिन टीम इंडिया के गेंदबाजों ने खूब रंग जमाया. दूसरी पारी में प्रज्ञान ओझा ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट झटके. रविचंद्रन अश्विन ने शेष 4 विकेट अपनी झोली में डाल लिए.
एक दिन पहले तक तो ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रॉ की ओर आगे बढ़ रहा है, पर पांचवें दिन तस्वीर बदल गई.
मैच के चौथे दिन सचिन तेंदुलकर अपने शतकों का शतक नहीं बना सके, जबकि नवोदित खिलाड़ी रविचंदन अश्विन ने शतक लगाकर क्रिकेटप्रेमियों का मनोबल ऊंचा कर दिया.
गौरतलब है कि वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 590 रन बनाए थे. इसके बाद टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 482 रन बनाए थे.