सभी दोषियों ने बेचैनी में आखिरी रात गुजारी. पूरी रात सभी
दोषी सो नहीं पाए. दोषियों से नाश्ते के लिए भी पूछा गया, लेकिन उन्होंने
मना कर दिया. चारों को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में रखा गया. इनमें एक वार्ड
नंबर 1 में, दूसरा वार्ड नंबर 7 की सेल में और बाकी दो को नंबर 8 सेल में
रखा गया था. इन सेल के रास्ते सीधे फांसी वाली जगह तक जुड़ते हैं.