मॉडल जेसिका लाल की हत्या के चर्चित मामले में बहन सबरीना लाल ने हत्यारे मनु शर्मा उर्फ सिद्धार्थ वशिष्ठ को माफ करने की बात की है. 19 साल पहले 29 अप्रैल 1999 को हरियाणा कांग्रेस के पावरफुल नेता विनोद शर्मा (बाद में कांग्रेस छोड़ दिया) के बेटे मनु शर्मा ने दिल्ली के एक रेस्त्रां में मॉडल जेसिका को गोली मार दी थी. जेसिका ने बार का समय समाप्त होने की वजह से शराब परोसने से मना कर दिया था. मनु शर्मा ने पहले मॉडल को डराने के लिए एक फायर किया, लेकिन जेसिका ने तब भी शराब देने से इनकार कर दिया. इसके बाद मनु ने जेसिका के सिर में सीधे गोली मार दी.
दक्षिणी दिल्ली के तमारिंड कोर्ट नाम के रेस्त्रां में मालिक और डिजायनर बिना रमानी की प्राइवेट पार्टी चल रही थी. इसी दौरान ये हादसा हुआ था. हत्यारे मनु शर्मा के पिता विनोद शर्मा को तब चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
अब बहन सबरीना लाल ने कहा है कि उन्होंने हत्यारे मनु शर्मा उर्फ सिद्धार्थ वशिष्ठ को माफ कर दिया है. उन्होंने तिहाड़ जेल को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें मनु शर्मा के जेल से छोड़े जाने पर कोई दिक्कत नहीं है. मनु जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है.
जेसिका की बहन ने लिखा कि उन्हें बताया गया है कि मनु बीते वक्त में चैरिटी और कैदियों की मदद के लिए जेल में अच्छा काम कर रहा है और उन्हें लगता है कि ये बदलाव की तस्वीर है.
पिछले महीने सेंट्रल जेल नं.2 के वेलफेयर ऑफिसर के पत्र का जवाब देते हुए सबरीना ने लिखा है, चूंकि उसने 15 साल की सजा काट ली है, इसलिए मुझे उसके जेल से छोड़े जाने पर कोई ऐतराज नहीं है.
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सबरीना ने कहा है कि मैं इसे भूलकर आगे बढ़ रही हूं. मैं अपनी जिंदगी पर काम करना चाहती हूं. मैं और कोई गुस्सा या दुख नहीं रखना चाहती. मुझे नहीं लगता कि अब और कुछ करना चाहिए.
गुड़गांव में रहने वाली सबरीना ने विक्टिम वेलफेयर फंड से आर्थिक सहायता लेने से इनकार कर दिया और कहा कि ये उन्हें दिया जाए जिन्हें इसकी अधिक जरूरत है.
मनु शर्मा 15 साल जेल में रह चुके हैं. पिछले छह महीने से वह ओपन जेल में हैं. वे 'अच्छे काम, अनुशासन और आचरण' में रहने की वजह से 5 साल की छूट की मांग कर सकते हैं.
दिसंबर 2006 में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश पलटकर 1999 में हुई हत्या के मामले में मनु शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इस मामले पर देश पर में प्रदर्शन हुए थे और इंसाफ की मांग की गई थी.